प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़ एक रूसी अधिकारी ने सीरिया पर इस्राईल द्वारा किए जा रहे लगातार हमलों पर कड़ी नाराज़गी व्यक्त करते हुए कहा है कि तेल अवीव द्वारा दमिश्क़ पर किए जा रहे हमलों से रूस के धैर्य का पैमाना भर चुका है। उन्होंने कहा कि इस्राईल ने रूस द्वारा ख़ींची गई रेड लाइन क्रास कर ली है और अब मास्को बहुत ही गंभीरता से इस संबंध में विचार कर रहा है।
रूसी संसद ड्यूमा में रक्षा समिति के उपाध्यक्ष आंद्रे क्रासोव ने कहा कि सीरिया पर इस्राईल द्वारा किए जा रहे हमले, अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों का खुला उल्लंघन और एक स्वायत्त देश पर हमला है। आंद्रे क्रासोव ने कहा कि दमिश्क़ पर तेल अवीव द्वारा किए जा रहे हमलों के मुक़ाबले में मास्को के धैर्य की भी एक सीमा है। उन्होंने कहा कि रूस, सीरिया की क़ानूनी सरकार का समर्थन जारी रखेगा।
दूसरी ओर सीरिया की वायु सेना ने ज़ायोनी शासन के ताज़ा हमलों का मुक़ाबला करने के लिए नया मीज़ाइल डिफ़ेंस सिस्टम प्रयोग किया जिसने इस्राईल की बेचैनी बढ़ा दी है। इस बीच सोमवार को सीरिया के एयर डिफेंस सिस्टम ने ज़ायोनी शासन द्वारा दाग़े गए 30 से अधिक मिसाइल को हवा में ही तबाह कर दिया।
उल्लेखनीय है कि सीरिया के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद के नाम अलग-अलग पत्र भेजकर प्रश्न किया है कि, क्या अब समय नहीं आ गया है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद सीरिया के ख़िलाफ़ इस्राईल के नियमित हमलों को बंद करवाए? दमिश्क़ सरकार ने चेतावनी भी दी है कि अगर सुरक्षा परिषद ने इसके लिए कोई प्रभावी क़दम नहीं उठाया तो जिस तरह से इस्राईल दमिश्क़ इंटरनेश्नल एयरपोर्ट पर हमले करता है, उसके जवाब में तेल-अवीव एयरपोर्ट पर भी हमला किया जाएगा। सीरिया ने कहा है कि आज ज़ायोनी शासन की इतनी हिम्मत जो बढ़ी है उसका मुख्य कारण संयुक्त राष्ट्र संघ और सुरक्षा परिषद का उसके मुक़ाबले चुप्पी साधे रखना है।