14 जनवरी 2019 - 15:16
पोलैंड पर ईरान की कड़ी आपत्ति!

पोलैंड में ईरान के खिलाफ सम्मेलन के बारे में अमरीकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो के गैर कानूनी बयान के बाद तेहरान में पोलैंड के प्रभारी राजदूत को विदेशमंत्रालय में तलब किया गया।

दर अस्ल ईरान के खिलाफ कुप्रचार जारी रखते हुए और ईरानोफोबिया नीति के अंतर्गत अमरीकी विदेशमंत्री ने अपने हालिया बयान में कहा है कि 13-14 फरवरी को वार्ता में अमरीका व पोलैंड की मेज़बानी  में ईरान के खिलाफ एक सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। अमरीका के इस एलान से एक बार फिर यह स्पष्ट हो गया कि आतंकवादियों का समर्थक और क्षेत्र में अशांति का मुख्य कारक अमरीका, नया षडयंत्र रच रहा है। अमरीका ने इस से पहले भी आतंकवादी संगठन एमकेओ को अलबानिया पहुंचा कर यह दर्शा दिया था कि वह अपनी खतरनाक क्षेत्रीय नीतियों में युरोपीय देशों को फंसाने का प्रयास कर रहा है। इस बार अमरीका ने पोलैंड को अपने षडयंत्रों का केन्द्र बनाने का फैसला किया है और मध्य पूर्व में शांति व सुरक्षा के सम्मेलन के नाम पर ईरान के खिलाफ गतिविधियां कर रहा है। यह ड्रामा , कुछ युरोपीय देशों की ओर से ईरान पर इस आरोप के बाद तैयार किया गया कि ईरान युरोप में हमले करवाने का इरादा रखता है। यही वजह है कि ईरान की खुफिया एजेन्सियों के खिलाफ कुछ युरोपीय देशों के हालिया दावों को इस षडयंत्र की भूमिका कहा जा रहा है। प्रसिद्ध अरब टीकाकर अब्दुल बारी अतवान अमरीकी विदेशमंत्री की क्षेत्रीय देशों की यात्रा का उल्लेख करते हुए पोलैंड में प्रस्ताव सम्मेलन की ओर संकेत करते और लिखते हैं कि यह सम्मेलन हमें , फ्रेंडस आफ सीरिया कान्फ्रेंस की याद दिलाता  है जो अमरीका के नेतृत्व में 65 से अधिक देशों की भागीदारी से कई अरब व युरोपीय देशों की राजधानियों में आयोजित हुई थी। ईरान के खिलाफ मोर्चा बनाने से अमरीका का उद्देश्य आतंकवादियों और उन देशों के मध्य गठबंधन बनाना है जो आतंकवादियों की पराजय से आक्रोश में हैं और अपनी इस हार के मुख्य ज़िम्मेदार, ईरान को प्रचारों की सहायता से अलग थलग करने की कोशिश कर रहे हैं। बहरहाल ईरान के खिलाफ अमरीका के इस प्रकार के क़दम, नये नहीं हैं इसी लिए ईरान को पोलैंड सहित अन्य देशों से आशा है कि वह सच्चाई पर ध्यान देंगे।