11 जनवरी 2019 - 13:34
या हुसैन का कोड वर्ड सुनते ही आकाश में गरज उठे ईरानी युद्धक विमान

ईरान के मध्यवर्ती इलाक़े इसफ़हान में वायु सेना का अभ्यास गुरुवार को शुरू हो गया है। वायु सेना के वरिष्ठ अफ़सर जनरल हमीद वाहेदी ने बुधवार को ही इसफ़हान की शहीद बाबाई हवाई छावनी में एलान कर दिया था कि इस छावनी के केन्द्र बनाकर सभी हवाई छावनियों में अभ्यास किया जाएगा।

सैन्य अभ्यास का कोड वर्ड या हुसैन है। यह कोड वर्ड सुनते हुए पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ईरानी वायु सेना के लंबी दूरी, मध्यम दूरी और कम दूरी के राकेटों से लैस बम वर्षक विमानों ने अपना हमला शुरू किया।

इस युद्ध अभ्यास में दर्जनों युद्धक विमान, बम वर्षक विमान, परिवहन विमान तथा ईंधन भरने वाले विमान शामिल हैं। अभ्यास में इंटरसेप्टिंग विमान, गश्ती विमान तथा ड्रोन विमान भी बड़ी संख्या में नज़र आ रहे हैं।

सैन्य अभ्यास में भाग लेने वाले विमानों में सोख़ोई 24, एफ़-5, एफ़-4, एफ़-7, मिग 29, एफ़-14, साएक़ा नामक ईरान निर्मित विमान, बोइंग 707 और 747 प्रकार के ईंधन पहुंचाने वाले विमान, लोजिस्टिक सपोर्ट वाले सी-130 प्रकार के विमान इसी तरह विभिन्न प्रकार के ड्रोन विमान शामिल हैं। इन विमानों को गाइडेड मिसाइलों से लैस किया गया है।

सैन्य अभ्यास में जहां एक तरफ़ बम वर्षक विमान बमबारी करते हैं वहीं दूसरी ओर कुछ विमान लगातार तसवीरें अपने कंट्रोल रूम को भेजते हैं, इस बीच गश्ती विमान दुशमन विमानों का रास्ता रोकने के लिए गश्त लगाते रहते हैं जबकि लोजिस्टिक सपोर्ट वाले विमान अपनी भूमिका निभाते दिखाई दे रहे हैं।

जनरल हमीद वाहेदी ने कहा कि सैन्य अभ्यास का संदेश मित्र देशों के लिए शांति का संदेश है जबकि साम्राज्यवादी शक्तियों के लिए यह संदेश है कि इलाक़े में उनकी मनमानी नहीं चलने दी जाएगी।