उन्होंने कहा कि भारत किसी अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे में रहकर हम ईरान के साथ काम करना चाहेंगे। उन्होंने कहा कि हम चाहेंगे कि ईरान के साथ रुपये में कारोबार किया जाए जिसमें दोनों देश आपसी हित के उत्पादों का व्यापार कर सकें।
भारत के वाणिज्य व उद्योग मंत्री सुरेश प्रभु ने कहा कि ईरान भारत से कुछ खरीदना चाहेगा और हम ईरान से तेल खरीदना चाहेंगे।
याद रहे पिछले साल मई में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ 2015 में हुए परमाणु समझौते से बाहर निकलने की घोषणा की थी जिसके बाद से ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध फिर लागू हो गए किंतु विश्व के बहुत से देशों ने अमरीकी प्रतिबंधों को स्वीकार न करने की घोषणा की जिसके बाद अमरीका ने चीन, भारत, इटली, यूनान, जापान, दक्षिण कोरिया , ताइवान और तुर्की को ईरान के तेल की खरीदारी पर लगे प्रतिबंधों से छूट दे दी।
इराक और सऊदी अरब के बाद भारत को तेल की आपूर्ति करने वाला ईरान तीसरा सबसे बड़ा कच्चा तेल आपूर्तिकर्ता है देश है ।