9 जनवरी 2019 - 17:10
आतंकवाद से संघर्ष में यूरोपीय देश सच्चे नहीं हैंः ईरान

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासिमी ने यूरोपीय संघ के अतार्किक और आश्चर्यजनक फ़ैसले की निंदा की है जिसमें निराधार और बेबुनियाद आरोपों के आधार पर कुछ ईरानी नागरिकों पर प्रतिबंध लगाए गये।

परमाणु समझौते की रक्षा का दावा करने वाले यूरोपीय संघ ने मंगलवार को ईरान के विरुद्ध प्रतिबंधों के पहले चरण को लागू कर दिया है। यह प्रतिबंध डेनमार्क की ओर से ईरान विरोधी दावे के दृष्टिगत लगाए गये हैं।

डेनमार्क ने 30 अक्तूबर 2018 को बिना किसी प्रमाण के तेहरान पर आरोप लगाया था कि वह डेनमार्क पर हमले का प्रयास कर रहा है किन्तु इस्लामी गणतंत्र ईरान ने इन दावों का खंडन किया था।

इसी मध्य ज़ायोनी शासन के प्रधानमंत्री बिनयामीन नेतनयाहू ने खुलकर कहा था कि इस्राईल, डेनमार्क के ईरानी विरोधी मामले में सीधी भूमिका रखता है। 

विदेशमंत्रालय के प्रवक्ता बहराम क़ासमी ने बुधवार को एक बयान में कहा कि ईरान के विरुद्ध यूरोपीय संघ के प्रतिबंध, इस बात की निशानी है कि यूरोपीय देश आतंकवाद से संघर्ष में सच्चे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि यूरोपीय संघ एमकेओ और अलअहवाज़िया नामक गुटों को ब्लैक लिस्ट करने के बजाए उनका समर्थन करता है।