इस हैकर गुट ने यह भी धमकी दी है कि वह और भी अधिक महत्वपूर्ण एवं ख़ुफ़िया दस्तावेज़ लीक करेगा, जो अमरीका को हिलाकर रख देंगे।
जो दस्तावेज़ जारी किए गए हैं, वह 11 सितम्बर 2001 के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर पर हमले से संबंधित हैं।
द डार्क ओवरलोड गुट ने शुरू में धमकी दी थी कि अगर उसे फिरौती के रूप में अनिर्धारित बिटकॉइन नहीं दिए गए तो वह 10 जीबी डाटा लीक कर देगा।
हालांकि उसके बाद बुधवार को गुट ने इन दस्तावेज़ों को अनलॉक करने के लिए बिटकॉइन का भुगतान निर्धारित कर दिया और एक दिन बाद एलान किया कि उसे लेयर वन को अनलॉक करने के बदले में 12000 डॉलर प्राप्त हुए।
प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, 650 दस्तावेज़ों को उनके ख़ुफ़िया होने के महत्व के अनुसार, चार लेयरों में बांटा गया है।
हैकर्स ने इन ख़ुफ़िया दस्तावेज़ों को सार्वजनिक करने के लिए 20 लाख डॉलर का लक्ष्य रखा है।
इस गुट ने धमकी दी है कि वह इन दस्तावेज़ों को आतंकवादी गुटों, विदेशी सरकारों और मीडिया को भी बेच सकता है।
द डार्क ओवरलोड ने दावा किया है कि उसने यह दस्तावेज़ वर्ल्ड ट्रेड सेंटर कॉम्पलैक्स की मालिक कंपनी सिलवरस्टीन प्रोपर्टीज़, हिसकॉक्स और लंदन स्थित लॉयड जैसी अंतरराष्ट्रीय कंपनियों से हासिल किए हैं।