अंकारा में पाक-तुर्क बिज़नेस काउंसिल के प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात के दौरान वार्ता करते हुए प्रधानमंत्री इमरान ख़ान का कहना था कि हम पूंजीनिवेशकों को सुरक्षित बनाना चाहते हैं और पूंजीनिवेश के लिए हम उन्हें सुविधाएं प्रदान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि लोगों को निर्धनता से निकालना उनकी सरकार की पहली प्राथमिकता है, भ्रष्टाचार के कारण देश वह सब कुछ हासिल नहीं कर पाता जिसका संकल्प किया हो।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री का कहना था कि 1960 में पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, एशिया की तेज़ी से विकास करने वाली अर्थव्यस्था थी किन्तु 1960 के बाद लाभ उठाने को बुरा समझा जाने लगा जिससे अर्थव्यस्था को नुक़सान पहुंचा है।
श्री इमरान ख़ान ने कहा कि 60 के दशक में पाकिस्तान, मलेशिया और दक्षिणी कोरिया के लिए एक रोल मॉडल था किन्तु राष्ट्रीयकरण की नीति ने अर्थव्यवस्था को बहुत अधिक नुक़सान पहुंचाया।
उनका कहना था कि हम समझते हैं कि कारोबार से लाभ कमाना बुरी बात नहीं है, लाभ से लोगों को निर्धनता से निकालने में मदद मिलती है।