सीस्तान व ब्लोचिस्तान प्रांत के अपने दौरे के अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए उप राष्ट्रपति इस्हाक़ जहांगीरी का कहना था कि सरकार, मकरान के तटों को विकसित करने की योजना पर पूरी गंभीरता से विचार कर रही है।
उन्होंने कहा कि मकरान के तट से पूरी गुंजाइश के साथ काम लिया जाए तो सीस्तान व ब्लोचिस्तान और देश के पूर्वी क्षेत्रों में अथाह विकास मिल सकता है।
ईरान के उपराष्ट्रपति का कहना था कि भारत और चीन दोनों देश, चाबहार की बंदरगाह के विभिन्न भागों में पूंजीनिवेश के इच्छुक हैं और ईरान ने इसका स्वागत किया है।
उन्होंने कहा कि इस्लामी गणतंत्र ईरान चाबहार बंदरगाह में मध्य एशिया के देशों और चीन व भारत के साथ व्यापक सहयोग के लिए तैयार है। इस्हाक़ जहांगीरी ने हुर्मुज़ जलडमरू स्ट्रेट के रणनैतिक महत्व की ओर संकेत करते हुए कहा कि इस जलमार्ग की रक्षा करना, ईरान की ज़िम्मेदारी है और हम किसी को भी इस क्षेत्र में अशांति फैलाने की अनुमति नहीं देंगे।