डान समाचार पत्र की रिपोर्ट के अनुसार सूत्रों का कहना है कि सऊदी अरब के साथ इस योजना से संबंधित ब्योरे का समझौता पूरा होने के चरण में है और इससे संबंधित अन्य मामले जनवरी के दूसरे सप्ताह में पूरे कर लिए जाएंगे।
तकनीकी बुनियादों पर एक बार मसौदा तैयार हो गया तो दोनों देशों के मंत्री समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जबकि समझौते के अनुसार पाकिस्तान को 3 अरब डालर का कच्चा तेल मिलेगा।
पाकिस्तान में मौजूद रिफ़ाइनरीज़, सऊदी अरब की सरकार कंपनी आराम्को से कच्चा तेल सप्लाई के लिए आर्डर देंगी।
पाकिस्तान का सऊदी अरब से एक लाख 10 हज़ार बैरल तेल प्रतिदिन कच्चा तेल लेने का का समझौता है जिसमें से 60 हज़ार बैरल पाक-अरब रिफ़ाइनरी लिमिटेड (पारको) जबकि 50 हज़ार बैरल नेश्नल रिफ़ाइनरी लिमिटेड (एनआरएल) के लिए विशेष है।
पारको और एनआरएल स्टेट बैंक पाकिस्तान में पाकिस्तानी रुपये में कच्चे तेल की ख़रीदारी के लिए अदाएगी करेंगी जबकि अराम्को को सऊदी डवल्पमेंट फंड के रूप में तीसरी पार्टी डालर में अदाएगी करेगी।
उसके बाद एसबीपी सऊदी डवल्पमेंट फ़ंड को उसकी अदाएगी 12 महीने के अंतर से करेगा। दोनों देशों के बीच यह समझौता 3 साल के लिए होगा जबकि इसमें 9 अरब डालर तक का कच्चा तेल निर्यात किया जा सकता है। ज्ञात रहे कि 1998 में पाकिस्तान के परमाणु धमाकों के बाद जब इस्लामाबाद को अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना हुआ था जब भी सऊदी अरब की ओर से पाकिस्तान को इसी प्रकार का पैकेज दिया गया था।
इस पैकेज की मद में पाकिस्तान को 3 अरब 50 करोड़ डालर का कच्चा तेल सऊदी अरब ने दिया था।