30 दिसंबर 2018 - 13:39
ईरानी जनता ने दुश्मनों को फिर दिखाया आईना, अमरीका मुर्दाबाद के नारों से गूंज उठा ईरान

इस्लामी गणतंत्र ईरान के समस्त छोटे बड़ शहरों में 30 दिसम्बर बराबर 9 दई माह की भव्य रैलियां निकाली गयीं जिनमें जनता ने बढ़चढ़कर भाग लिया।

इस अवसर पर ईरान का आसमान विश्व साम्राज्यवाद विशेषकर अमरीका के विरुद्ध गगनभेदी नारों से गूंज उठा।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के संसद सभापति डाक्टर अली लारीजानी ने रविवार की सुबह संसद की खुली बैठक को संबोधित करते हुए 30 दिसम्बर बराबर 9 दई माह की बधाई दी और कहा कि कुछ महीनों की कश्मकश के बाद ईरान की जनता ने आख़िरकार 30 दिसम्बर को भीतरी और विदेशी दंगाइयों और फ़सादियों के विरुद्ध सफलता हासिल की और इसीलिए क्रांति के 40 वर्षीय काल में हमेशा आंतरिक व विदेशी संकटों पर सफलता के साथ नियंत्रण पा लिया गया।

ज्ञात रहे कि आज का यह इतिहास 30 दिसम्बर 2009 को उस षड्यंत्र की याद दिलाता है जिसे ईरान की जनता ने अपनी दूरदर्शिता, होशियारी और सूझबूझ से विफल बना दिया और अमरीका और उसके पिट्ठुओं को एक बार फिर लज्जाजनक पराजय का सामना करना पड़ा क्यों कि दुशमन इस बार ईरान के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली का बहाना बनाकर ईरान के हालात को ख़राब करने का प्रयास कर रहा था जिसमें उसे एक बार फिर मुंह की खानी पड़ी और ईरानी राष्ट्र एक बार फिर से विजयी हुआ।

नौ दई माह बराबर 30 दिसम्बर 2009 की भव्य रैलियों में ईरानी जनता की एतिहासिक और भरपूर भागीदारी ने दुनिया पर यह सिद्ध कर दिया कि वह अपनी क्रांति और वरिष्ठ नेता के प्रति निष्ठावान हैं और दिलो जान से इस मार्ग में बलिदान देने को तैयार हैं।

9 दई बराबर 30 दिसम्बर का इतिहास, स्वाधीनता, स्वतंत्रता और ईरानी जनता की दूरदर्शिता के प्रतीक का दिन है जो इस्लामी सिद्धातों और क्रांतिकारी उमंगों की राह में डट गये और खुलकर घोषणा की कि यदि दुश्मन उनके धर्म के मुक़ाबले में आया तो उनके मुक़ाबले में पूरी शक्ति के साथ डट जाएंगे9 दई बराबर 30 दिसम्बर का इतिहास, स्वाधीनता, स्वतंत्रता और ईरानी जनता की दूरदर्शिता के प्रतीक का दिन है जो इस्लामी सिद्धातों और क्रांतिकारी उमंगों की राह में डट गये और खुलकर घोषणा की कि यदि दुश्मन उनके धर्म के मुक़ाबले में आया तो उनके मुक़ाबले में पूरी शक्ति के साथ डट जाएंगे