29 दिसंबर 2018 - 15:40
इस्राईल के विस्तारवाद का यूरोप द्वारा कड़ा विरोध

यूरोपीय संघ ने जार्डन नदी के पश्चिमी तट में नई ज़ायोनी बस्तियों के निर्माण की इस्राईली योजना को ग़ैर क़ानूनी क़रार देते हुए इसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।

यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रभारी फ़ेडरिका मोग्रेनी की ओर से जारी होने वाले एक बयान में कहा गया है कि इस्राईल की ओर से अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में ज़ायोनी बस्तियों का निर्माण ग़ैर क़ानूनी है और इस हवाले से यूरोपीय संघ के दृष्टिकोणों में कोई परिवर्तन नहीं आया है।

यूरोपीय संघ के बयान में आया है कि इस्राईल की ओर से ज़ायोनी बस्तियों के निर्माण के परिणाम में क्षेत्र में शांति की स्थापना की प्रक्रिया कमज़ोर पड़ गयी है।

ज्ञात रहे कि अमरीका में डोनल्ड ट्रम्प के सत्ता में आने के बाद से यूरोपीय संघ ने फ़िलिस्तीन मुद्दे के बारे में अलग दृष्टिकोण अपना शुरु कर दिया है। ट्रम्प प्रशासन, इस्राईल के व्यापक समर्थन की नीति पर अग्रसर है जबकि यूरोपीय संघ का दृष्टिकोण इसके विपरीत नज़र आता है।

इस्राईल ने पिछले महीने के दौरान फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में आबादी के अनुपात और भौगोलिक स्थिति को ज़ायोनियों के पक्ष में परिवर्तित करने के उद्देश्य से अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में ज़ायोनी बस्तियों के निर्माण का क्रम तेज़ कर दिया है और अमरीका इस मामले में उसका भरपूर समर्थन कर रहा है।

अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और नियमों की परिधि में फ़िलिस्तीनी क्षेत्रों में ज़ायोनी बस्तियों का निर्माण ग़ैर क़ानूनी है और इस्राईल समस्त अंतर्राष्ट्रीय अपीलों और मांगों की अनदेखी करते हुए अपनी विस्तारवादी नीतियों को निरंतर आगे बढ़ा रहा है।