हमारे संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार यमन की सर्वोच्च क्रांतिकारी समिति के प्रमुख मुहम्मद अली अलहूसी ने ट्वीट करके सरकारी कर्मियों को वेतन न दिए जाने के बारे में यमन की त्यागपत्र दे चुकी मंसूर हादी की सरकार के सेन्ट्रल बैंक के उल्लंघनों की ओर संकेत करते हुए लिखा कि यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत इन विषय से अवगत थे और इससे इस उल्लंघन के बारंबार होने की संभावना बढ़ गयी है।
श्री अलहूसी ने कहा कि कर्मियों के वेतन दिए जाने के बारे में सेन्ट्रल बैंक के प्रतिबद्ध न होने के बारे में यमन के मामले में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत की जानकारी, यमन को मुक्ति दिलाने के लिए संयुक्त राष्ट्र संघ की योग्यता पर प्रश्न चिन्ह लगा देती है।
यमन की सर्वोच्च क्रांतिकारी समिति के प्रमुख मुहम्मद अली अलहूसी ने इसी प्रकार सरकारी कर्मियों के वेतनों की अदाएगी के लिए सेन्ट्रल बैंक को अदन से सनआ स्थानांतरित किए जाने की मांग की है।
यमन पर सऊदी अरब के हमले 26 मार्च 2015 से अब तक जारी है। इन हमलों में अब तक 14000 से ज़्यादा यमनी नागरिक हताहत, दसियों हज़ार घायल और दसियों लाख विस्थापित हुए हैं।