इर्ना की रिपोर्ट के अनुसार जनरल अहमद वहीदी ने चालीस सात षड्यंत्र और 40 साल प्रतिरोध नामक सम्मेलन में कहा कि एफ़एटीएफ़ और मनि लांड्रिंग से संघर्ष का विषय एसी हालत में पेश किया जा रहा है कि कुछ देश, पैसों के स्थानांतरण तथा आतंकवादी गुटों की उपस्थिति के स्थान में पेश हो गये हैं।
नेश्नल डिफ़ेंस विश्वविद्यालय के प्रमुख जनरल अहमद वहीदी ने कहा कि जब ज़ायोनी शासन सरकारी तौर पर हत्याएं कर रहा है और आतंकवादी गुटों का सबसे बड़ा समर्थक अमरीका तथा ज़ायोनी शासन बना हुआ है, वाशिंग्टन इस्राईल की निंदा करने के बजाए ईरान पर आतंकवाद के समर्थन का आरोप लगाते हैं।