प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़ अमेरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प द्वारा सीरिया और अफ़ग़ानिस्तान से अमेरिकी सेना की वापसी की घोषणा के बाद, अंकारा और वॉशिंग्टन सरकार के बीच एक बार फिर संबंध मधुर होते दिखाई दे रहे हैं। तुर्की सरकार के प्रवक्ता का कहना है कि ट्रम्प ने तुर्की का न्योता स्वीकार कर लिया है। अर्दोग़ान के इस निमंत्रण से एक दिन पहले ट्रम्प ने सोमवार को ट्वीट किया था कि तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोग़ान ने उन्हें भरोसा दिया है कि अमेरिकी सेना के सीरिया छोड़ने के बाद तुर्की वहां बचे दाइश के आतंकियों का सफाया कर देगा।
अमेरिकी मीडिया में ऐसी ख़बरें आ रही हैं कि सीरिया से सेना वापस बुलाने के ट्रम्प के फ़ैसले के पीछे अर्दोग़ान ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। सेना वापसी को लेकर ट्रम्प का तर्क है कि अमेरिका ने तकफ़ीरी आतंकवादी गुट दाइश को हरा दिया है, इसलिए बाक़ी बचे आतंकियों से तुर्की आसानी से निपट लेगा।
उल्लेखनीय है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प के इस निर्णय का जहां कई अमेरिकी सीनेटरों जिनमें स्वयं ट्रम्प की रिपब्लिकन पार्टी के भी सदस्य शामिल हैं उन्होंने कड़ा विरोध किया है वहीं ट्रम्प के फ़ैसले से व्हाइट हाउस के भीतर भी एक तूफ़ान शुरू होने के लक्षण दिखाई दे रहे हैं। युद्ध मंत्री जेम्स मैटिस त्यागपत्र दे चुके हैं और दूसरे अधिकारी भी त्यागपत्र देने के इशारे दे रहे हैं।