24 दिसंबर 2018 - 16:26
सीरिया में अमरीकी सैनिकों की उपस्थिति आरंभ से ही ग़ैर क़ानूनी थीः ज़रीफ़

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा कि अमरीका ने कभी भी आतंकवादी गुट दाइश से संघर्ष नहीं किया और सीरिया में इस देश की उपस्थिति, सीरियाई राष्ट्र के हित में या इस देश की सरकार की सहमति से नहीं थी।

इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री मुहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने सोमवार को अलमयादीन टीवी चैनल से बात करते हुए कहा कि सीरिया में अमरीका की उपस्थिति आरंभ से ही ग़ैर क़ानूनी थी और सीरिया में अमरीका की योजना के बारे में पर्याप्त सूचनाएं नहीं हैं।

ज्ञात रहे कि अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने बुधवार की रात ट्वीट करके सीरिया से अमरीकी सैनिकों के निकलने की सूचना दी थी। 

इससे पहले भी डोनल्ड ट्रम्प ने सीरिया से अपने सैनिकों को निकालने का फ़ैसला किया था किन्तु सऊदी अरब और ज़ायोनी शासन ने अपने सैनिकों को सीरिया में बाक़ी रखने से अमरीकी से अपील की थी। 

विदेशमंत्री ने इसी प्रकार यह बयान करते हुए कि परमाणु समझौते से अमरीका के निकलने के बाद कई विकल्प हैं, कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर इन विकल्पों का प्रयोग करेगा।

उन्होंने कहा कि यूरोप को चाहिए कि वह परमाणु समझौते में वर्णित अपने वादों पर अमल करें और यदि उन्होंने व्यवहारिक क़दम न उठाए तो ईरान उनकी प्रतीक्षा नहीं करेगा।