इर्ना की रिपोर्ट के मुताबिक़, इस्लामी गणतंत्र ईरान में वरिष्ठ ईसाई धर्मगुरू “सर्केस दावीदियान” ने पश्चिमी देशों के उन सभी दावों को ख़ारिज कर दिया है जिसमें वे ईरान पर झूठे आरोप लगाते हैं कि ईरान, धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों का हनन कर रहा है। ईसाई धर्मगुरू ने कहा कि ईरान में इस्लामी क्रांति के बाद जितनी स्वतंत्रता के साथ सभी धर्मों के लोग रहते हैं उतनी अज़ादी तो पश्चिमी देशों में भी देखने को नहीं मिलती है। उन्होंने कहा कि ईरान धार्मिक अल्पसंख्यकों के अधिकारों का पूरा सम्मान करता है।
वरिष्ठ ईसाई धर्मगुरू ने कहा कि हमारे महान देश ईरान में सभी धर्मों के अनुयायी सम्मानजनक तरीक़े और अज़ादी के साथ अपने धार्मिक कार्यक्रमों को मनाते हैं। दावीदियान ने कहा कि ईरान में रहने वाले सभी धर्मों के अनुयायी को दूसरे ईरानी नागरिकों की तरह बराबर का अधिकार प्राप्त है। उन्होंने कहा कि सभी धर्मों के लोग देश के संवैधानिक ढांचे के अनुरूप अपने विशेष धार्मिक समारोहों और परंपराओं पर स्वतंत्रता के साथ पालन कर रहे हैं।
वरिष्ठ ईसाई धर्मगुरू ने कहा कि मानव अधिकारों का दावे करने वाली तथाकथित पश्चिमी संस्थाओं को यह बात साफ़ कर देना चाहता हूं कि वे अपना ध्यान उन देशों पर केंद्रित करें जहां खुले तौर पर मानवाधिकारों के उल्लंघन हो रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान में रहने वाले धार्मिक अल्पसंख्यकों पर इस देश की सरकार की ओर से किसी भी तरह का कोई दबाव नहीं है।