श्री जवाद ज़रीफ़ ने फ़्रांस के समाचार पत्र लि प्वाइंट से बात करते हुए जो शनिवार को प्रकाशित हुआ, कहा कि संयुक्त राष्ट्र संघ का प्रस्ताव क्रमांक 2231 ईरान से मांग करता है कि वह परमाणु वारहेड्स ले जाने में सक्षम मीज़ाइल न बनाए। उन्होंने कहा कि ईरान का सैन्य परमाणु कार्यक्रम नहीं है।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने ईरान के मीज़ाइल कार्यक्रम के बारे में पश्चिम के दावे को रद्द करते हुए कहा कि पश्चिमी एशियाई क्षेत्र में ईरान का सबसे कम सैन्य बजट है।
विदेशमंत्री ने कहा कि फ़्रांस हर वर्ष अरबों डाॅलर के हथियार संयुक्त अरब इमारात और सऊदी अरब को बेचता है, कहा कि क्या फ़्रांस इस बात के लिए तैयार कि वह ईरान को वह आधुनिक विमान बेचने के लिए तैयार है जो सऊदी अरब और इमारात को बेचता है ताकि ईरान अपनी रक्षा कर सके।
श्री जवाद ज़रीफ़ ने इस बात पर बल देते हुए कि तेहरान, कभी भी दूसरे देशों से झगड़े के प्रयास में नहीं रहा है, कहा कि ईरान, हमेशा से फ़ार्स की खाड़ी के क्षेत्रीय देशों के साथ सहयोग के प्रयास में रहा है किन्तु सऊदी अरब हमेशा से क्षेत्र में ईरान से उलझने के प्रयास में रहा है।
इस्लामी गणतंत्र ईरान के विदेशमंत्री ने क्षेत्र में ईरान की नीति को ग़लत बताया और कहा कि रियाज़, लेबनान, सीरिया, इराक़, यमन, अफ़ग़ानिस्तान और क़तर में यथावत अपनी ग़लतियां दोहरा रहा है।