उन्होंने मोरक्को नरेश और अपने चचेरे भाई मुहम्मद सादिस से मांग की है कि उन्हें राजकुमार की पदवी से मुक्त किया जाए और जितनी जल्दी संभव है उनकी इस मांग को पूरा कर दिया जाए।
अलग अलग विषयों पर अपनी राय बड़ी बेबाकी से रखने वाले राजकुमार ने फ़्रांस के टीवी चैनल पर एलान किया कि उन्होंने राजकुमार की पदवी छोड़ने लिए नरेश के सामने अपनी मांग रख दी है और यह मांग आज की नहीं बल्कि लगभग तीन साल पहले उन्होंने यह मांग रखी थी और इस संदर्भ में क़ानूनी प्रक्रिया भी शुरू कर दी थी मगर उनको रुकावट का सामना करना पड़ा क्योंकि देश के संविधान में इस प्रकार का कोई प्रावधान नहीं है कि कोई व्यक्ति राजकुमार की पदवी से कैसे मुक्त हो सकता है। यही कारण है कि उन्होंने मोरक्को नरेश के सामने यह मांग रखी है।
राजकुमार मौलाय हश्शाम देश में शासन व्यवस्था के ढांचे में सुधार की मांग करते हैं उनका कहना है कि देश का संचालन राजशाही व्यवस्था नहीं बल्कि निर्वाचित सरकार के हाथों होना चाहिए और देश में संवैधानिक राजशाही व्यवस्था होनी चाहिए।
मौलाय हश्शाम कोसोवो में मानवाधिकार के विषय में संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यवेक्षक और फ़िलिस्तीन में होने वाले चुनाव में भी संयुक्त राष्ट्र संघ के पर्यवेक्षक के रूप में काम कर चुके हैं। उनका मानना है कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता होनी चाहिए।
अनेक मुद्दों पर देश के नरेश अर्थात अपने चचेरे भाई से उनके मतभेद हैं।