सीरिया के बारे में ईरान, रूस और तुर्की के विदेशमंत्रियों की बैठक जनेवा में हुई। इस बैठक में ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़, रूस के विदेशमंत्री सरगेई लावरोफ़ और तुर्की के विदेशमंत्री मौलूद चाऊश ओगलू ने भाग लिया और इस बैठक की समाप्ति पर एक बैठक जारी की गयी।
इस अवसर पर सीरिया के मामलों में संयुक्त राष्ट्रसंघ के विशेष दूत स्टीफेन दी मिस्तूरा भी मौजूद थे। तीनों देशों के विदेशमंत्रियों की बैठक की समाप्ति पर जारी होने वाली विज्ञप्ति में सीरिया की स्वाधीनता और संप्रभुता पर बल दिया गया है। इस्लामी गणतंत्र ईरान क्षेत्र का एक प्रभावशाली देश है और वह सीरिया संकट के आरंभ से राजनीतिक ढंग से इस संकट के समाधान के लिए प्रयासरत है।
जनवरी 2017 में जो आस्ताना बैठक आरंभ हुई वह ईरान के प्रस्ताव पर हुई थी और उसे ईरान के राजनीतिक प्रयास के परिप्रेक्ष्य में ही देखा जाना चाहिये। पिछले सितंबर महीने में तेहरान में ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्राध्यक्षों ने एक संयुक्त विज्ञप्ति जारी करके कहा था कि सैनिक मार्गों से सीरिया संकट का समाधान नहीं हो सकता और केवल राजनीतिक वार्ता द्वारा ही इस संकट का समाधान किया जा सकता है।
इसी प्रकार सीरिया में युद्ध विराम के लिए तीनों देशों के मध्य एक सहमति भी हुई थी जिसका उद्देश्य सीरिया संकट के समाधान के लिए होने वाली वार्ता प्रक्रिया को आगे बढ़ाना था।
बहरहाल सीरिया संकट के समाधान की दिशा में जो प्रयास हो रहे हैं उसे सीरिया के मामलों में राष्ट्रसंघ के विशेष दूत दी मिस्तूरा सीरिया संकट के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानाते हैं।