अख़बार का कहना है कि यह प्रस्ताव बिन सलमान को बचाने की ट्रम्प की कोशिशों को भी करारा झटका है और अब ज़रूरी है कि ट्रम्प इस मामले में अपनी राय बदलें। यह बात बिन सलमान और ट्रम्प दोनों को समझानी चाहिए कि अब दोनों देशों के संबंध बदलाव से सुरक्षित नहीं रह सकते तथा हत्या के ज़िम्मेदारों के ख़िलाफ़ उचित कार्यवाही की जानी चाहिए।
इसी बीच तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने एक बयान दिया है कि ख़ाशुक़जी की हत्या करवाने वाले को सब जानते हैं, मुझे उसकी जानकारी है अतः उसके नाम का एलान हो जाना चाहिए।
इस्तांबूल में शुक्रवार को भाषण देते हुए अर्दोग़ान ने कहा कि ख़ाशुक़जी की हत्या से संबंधित आडियो से साबित है कि इस हत्या कांड में बिन सलमान के क़रीबी लोग लिप्त हैं जिन्होंने मिलने वाले निर्देश के अनुसार काम किया है।
अर्दोगान ने अमरीकी सेनेट में पास होने वाले प्रस्तावों के बारे में कहा कि यह प्रक्रिया यहीं नहीं रुकेगी बल्कि आगे बढ़ेगी क्योंकि हमने अमरीकी इंटैलीजेन्स को सारी जानकारियां दे दी हैं और जो भी यह जानकारियां मांगेगा हम उसे दे देंगे।