ग़ज्ज़ा में क़तर के राजदूत मोहम्मद अल-इमादी का कहना है कि योजना के अनुसार, एयरपोर्ट निर्माण के बाद दोहा और ग़ज्ज़ा के बीच विमान उड़ान भर सकेंगे और दोहा के बाद वह दुनिया में किसी भी स्थान के लिए उड़ान भर सकेंगे।
इमादी का कहना था कि हमने अपना यह प्रस्ताव इस्राईली अधिकारियों के सामने भी रख दिया है। हालांकि उन्होंने बताया कि अभी तक ज़ायोनी अधिकारियों ने इस बारे में कोई जवाब नहीं दिया है।
सूत्रों के अनुसार, ग़ज्ज़ा में एयरपोर्ट निर्माण के स्थान पर इस्राईल ने क़तर को अपने क़ब्ज़े वाले किसी इलाक़े में एयरपोर्ट निर्माण का प्रस्ताव दिया है।
इमादी के अनुसार, ग़ज्ज़ा में एयरपोर्ट निर्माण के आइडिए पर अमल संभव है। हालांकि इसके लिए ग़ज्ज़ा में एक सरकार के वजूद का होना ज़रूरी है।
उल्लेखनीय है कि 1998 में ग़ज्ज़ा के रफ़ह इलाक़े में यासिर अरफ़ात एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ था, लेकिन 2001 में इस्राईली युद्धक विमानों ने बमबारी करके उसे नष्ट कर दिया था, जिसके बाद से वह वैसे ही जरजर हालत में पड़ा हुआ है।
इस बीच, लेबनान में रहने वाले फ़िलिस्तीनी शरणार्थियों की यूरोप के लिए प्रवास की संख्या में वृद्धि हो गई है।