12 दिसंबर 2018 - 15:45
यदि वार्ता विफल हुई तो दुश्मनों के दांत खट्टे कर देंगेः अंसारुल्लाह

स्वीडन शांति वार्ता में शामिल यमनी वार्ताकार टीम के प्रमुख ने कहा है कि वार्ता की विफलता की स्थिति में हमारे पास दुश्मनों के विरुद्ध युद्ध के अलावा कोई रास्ता बाक़ी नहीं बचेगा।

यमन के जनांदोलन अंसारुल्लाह की वार्ताकार टीम के प्रमुख मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने स्वीडन में सुरक्षा परिषद के सदस्यों से मुलाक़ात में अपील की है कि वह हमलावर सऊदी गठबंधन को गंभीर राजनैतिक वार्ता में भाग लेने के लि उस पर दबाव डालें।

उन्होंने कहा कि सऊदी गठबंधन को अपराधिक कार्यवाहियों और निर्दोष लोगों का ख़ून बहाने की आदत पड़ गयी है।

मुहम्मद अब्दुस्सलाम ने कहा कि राष्ट्रीय वार्ताकार टीम, सऊदी गठबंधन के हमलों के बावजूद शांति वार्ता में पूरी गंभीरता के साथ शामिल है।

यमन के राष्ट्रीय वार्ताकार टीम ने इससे पहले शनिवार को पत्रकारों से बात करते हुए सऊदी हमले बंद कराने की मांग करते हुए स्पष्ट किया था कि हम शांति वार्ता के लिए स्वीडन आए हैं, हथियार डालने के लिए नहीं।

मुहम्मद अब्दुस्सलाम का कहना था कि यमन में शांति और स्थिरता को वापस लौटाना हमारी पहली प्राथमिकता है।

ज्ञात रहे कि छह दिसम्बर से यमन के युद्धरत पक्षों के बीच स्वेडन की राजधानी स्टाकहोम में वार्ता शुरू हुई है। यह वार्ता यमन के मामलों में संयुक्त राष्ट्र संघ के विशेष दूत मार्टिन ग्रीफ़िथ्स की निगरानी में हो रही है।

यह वार्ता गत 6 सितम्बर को शुरू होने वाली थी लेकिन सऊदी अरब और इमारात ने इसमें रुकावट डाली और सनआ सरकार के प्रतिनिधिमंडल को जेनेवा जाने से रोक दिया।

इससे पहले युद्धरत यमनी पक्षों के बीच वर्ष 2015 में स्विज़रलैंड में और 2016 में कुवैत में वार्ताएं हो चुकी हैं लेकिन सऊदी अरब और इमारात के हस्तक्षेप के कारण वह वार्ताएं भी सफल नहीं हो पायीं।