आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष, विगत के अनुभव, मौजूदा रणनीति, क्षेत्रीय स्तर पर नया व प्रभावी रवैया अपनाना, क्षेत्रीय सहयोग को मज़बूत बनाना और संपर्क में विस्तार इस बैठक में चर्चा के विषय थे।
तेहरान बैठक में संसद सभापति के स्तर पर क्षेत्र के 6 अहम देशों की मौजूदगी और इस बैठक के विषय, क्षेत्र में सुरक्षा को नए आयाम से दी जा रही अहमियत को दर्शाते हैं।
अनुभव दर्शाते हैं कि क्षेत्र के कुछ देशों के व्यवहार और विदेशियों के हस्तक्षेप, क्षेत्र से बाहर की शक्तियों के वर्चस्ववादी नीतियों को व्यवहारिक बनाने का हथकंडा बन चुके हैं।
आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए संयुक्त उपाय अपनाने की ज़रूरत और क्षेत्रीय देशों के सामने ज्वलंत स्थिति के मद्देनज़र, मौजूदा हालात में तेहरान बैठक का आयोजन दुगुना अहमियत रखता है। यह भी एक कटु वास्तविकता है कि आतंकवाद का ख़तरा अभी भी गंभीर बना हुआ है। इसकी ताज़ा मिसाल गुरुवार को ईरान के दक्षिण-पूर्व में स्थित चाबहार प्रांत में होने वाला आतंकवादी हमला है।
चाबहार के आतंकवादी हमले से पता चलता है कि क्षेत्र को अशांत करने के लिए सुनियोजित साज़िश चल रही है। इस घटना ने एक बार आतंकवाद के ख़िलाफ़ संघर्ष के झूठे दावेदारों के दोहरे व्यवहार को स्पष्ट कर दिया और आतंकियों के प्रति उनका समर्थन जग ज़ाहिर हो गया।