रोएटर्ज़ की रिपोर्ट के अनुसार क़तर के ऊर्जा मंत्री साद अलकाबी ने एक पत्रकार सम्मेलन में घोषणा की कि उनका देश अगले महीने ओपेक से निकल जाएगा। उन्होंने बताया कि 57 साल तक ओपेक का सदस्य रहने के बाद क़तर ने कुछ तकनीकी और रणनैतिक कारणों से इस संगठन से निकलने का फ़ैसला किया है। उन्होंने कहा कि ओपेक की आगामी बैठक, इस संगठन में क़तर की अंतिम उपस्थिति होगी।
क़तर के ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह फ़ैसला अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर दोहा की भूमिका को बेहतर बनाने की दीर्घकालीन रणनीति के अंतर्गत किया गया है और क़तर अन्य ग़ैर सदस्य देशों की तरह ओपेक के प्रति कटिबद्धताओं का पालन करेगा। साद अलकाबी कहा कि क़तर बड़ी अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियां बनाने का इरादा रखता है और ओपेक के फ़ैसलों पर दोहा का प्रभाव सीमित है और उनके देश को गैस की पैदावार प्रतिवर्ष 77 मिलियन टन से बढ़ा कर 110 मिलियन टन करने पर ध्यान केंद्रित करना है।