3 दिसंबर 2018 - 17:28
माइक पोम्पियो से इसके अलावा कोई अपेक्षा नहीं हैः ज़रीफ़

ईरान की मिसाइल क्षमता अप्रचलित नहीं है परंतु अमेरिकी अधिकारियों का प्रयास है कि वे इस मामले को तोड़- मरोड़ कर पेश करें और उसका प्रयोग ईरानोफ़ोबिया में करें।

ईरान के विदेशमंत्री मोहम्मद जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो से इसके अलावा कोई अपेक्षा ही नहीं है कि वह परमाणु समझौते को न समझे हों।

उन्होंने कहा कि जो लोग परमाणु समझौते से अवगत हैं वे जानते हैं कि परमाणु समझौते में मिसाइलों की सीमा की कोई बात ही नहीं की गयी है और प्रस्ताव नंबर 2231 में ईरान का आह्वान किया गया है कि वह उन मिसाइलों का प्रयोग न करे जिन्हें परमाणु वार हेड्स ले जाने के लिए एसेंबल किया गया है।

रोचक बात यह है कि ईरान के साथ होने वाले परमाणु समझौते में इस प्रकार के मिसाइल को भी प्रतिबंधित नहीं किया गया है।

ज्ञात रहे कि अमेरिका के विदेशमंत्री माइक पोम्पियो ने दावा किया था कि इस्लामी गणतंत्र ईरान ने अभी हाल ही में मध्यम दूरी के ऐसे बैलेस्टिक मिसाइल का परीक्षण किया है जो कई परमाणु वार हेड्स को एक साथ ले जा सकता है।

ईरान के विदेशमंत्री ने कहा कि अमेरिका सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों पर अमल नहीं करता है और अब काल्पनिक दावा भी अमेरिका के विदेशमंत्री का रवइया बन गया है।

ईरान की मिसाइल क्षमता अप्रचलित नहीं है परंतु अमेरिकी अधिकारियों का प्रयास है कि वे इस मामले को तोड़- मरोड़ कर पेश करें और उसका प्रयोग ईरानोफ़ोबिया में करें।

ईरान जिन मिसाइलों का निर्माण करता है उनका असेंबल परमाणु वार हेड्स ले जाने के लिए नहीं किया जाता है। साथ ही ईरान के मिसाइलों का निर्माण देश और क्षेत्र की रक्षा के लिए गया है।

अभी हालिया कुछ महीनों के दौरान आतंकवादी गुटों ने ईरान में जो कार्यवाहियां की हैं उनके जवाब में ईरान ने जो प्रक्षेपास्त्रिक हमले किये हैं उसे इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।

ईरान की मिसाइल क्षमता के बारे में अमेरिका के विदेशमंत्री के बयान एसे समय में सामने आ रहा है जब अमेरिका ने मानवता के खिलाफ अनगिनत अपराध अंजाम दिये हैं जो विश्व की शांति व सुरक्षा को खतरे में डालने के गम्भीर व महत्वपूर्ण कारण रहे हैं।

ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने अभी हाल ही कहा था कि क्षेत्र और इस्लाम के दुश्मनों की एक नीति इस्लामी देशों को एक दूसरे से डराना है। वे काल्पनिक दुश्मन बनाते हैं ताकि साम्राज्य, उनसे संबंधित और जो जायोनी दुश्मन हैं, उन्हें छिपाये रखें।"

बहरहाल अमेरिकी विदेशमंत्री माइक पोम्पियो के बयान को इसी परिप्रेक्ष्य में देखा जा सकता है।