1 दिसंबर 2018 - 15:09
जी-20 शिखर सम्मेलन में कैमरों की निगाहों के निशाने पर रहे मुहम्मद बिन सलमान, दामन बचाते दिखे राजनेता

अर्जेन्टीना की राजधानी बोइनस आयरस में जी-20 के शिखर सम्मेलन में बड़े अजीबोग़रीब दृष्य दिखाई दिए। एक स्टर पर सबकी नज़रें केन्द्रित थीं और वह स्टार थे सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मुहम्मद बिन सलमान जो अपने देश के वरिष्ठ पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की अपने देश के वाणिज्य दूतावास के भीतर निर्मम हत्या के आरोपी हैं।

बिन सलमान के लिए यह पहला अवसर है कि वह ख़ाशुक़जी हत्या कांड के बाद अंतर्राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं।

शिखर सम्मेलन के दौरान कुछ दृष्य एसे थे जिनकी ओर सब आकर्षित हुए।

कैमरों ने एक बार तब मुहम्मद बिन सलमान पर फ़ोकस किया जब फ़्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैकक्रां उनको नसीहत कर रहे थे। बाडी लैंगुएज से साफ़ ज़ाहिर था कि कड़वी बहस चल रही थी। बातचीत अंग्रेज़ी भाषा में हो रही थी और होंटों की हरकतों को देखकर वाक्यों के बारे में जो अनुमान लगाया गया उसके अनुसार मैकक्रां से बिन सलमान ने कहा कि चिंता मत कीजिए तो मैकक्रां ने कहा कि मुझे गंभीर चिंता है, बिन सलमान ने कहा कि मामले को मैं डील कर लूंगा। मैकक्रां इसी बीच में खीझ कर कहते हैं कि तुम सुन नहीं रहे हो जो मैं कह रहा हूं।

फ़्रासीसी मीडिया के अनुसार बिन सलमान की यह हालत थी जैसे कोई नालायक़ शिष्य अपने टीचर के सामने खड़ा हो। बिन सलमान सिर हिला हिला कर पुष्टि कर रहे थे और बीच में कभी मुसकुराने की कोशिश भी करते थे।

दूसरा दृष्य वह था जब शिखर सम्मेलन में शामिल राष्ट्राध्यक्ष ग्रुप फ़ोटो के लिए खड़े हुए। अर्जेन्टीना के प्रोटोकोल अधिकारियों ने दूसरी पंक्ति के बिल्कुल अंतिम व्यक्ति के रूप में बिन सलमान की जगह निर्धारित की। फ़ोटो सेशन हो जाने के बाद राजनेता एक दूसरे से मिलने लगे और बिन सलमान बिल्कुल अकेले खड़े दिखाई दिए। बिन सलमान को जब इस स्थिति का अंदाज़ा हुआ तो वह तत्काल वहां से हट जाना ही उचित समझा। अलबत्ता इस बीच वह राजनेताओं वाले मंच को मुड़कर देखने लगे और फिर वहां से चले गए।

मीडिया सूत्रों का कहना है कि अर्जेन्टीना के प्रोटोकोल अधिकारियों ने बिन सलमान को बिलकुल किनारे इसलिए रखा ताकि राजनेताओं में यदि कोई भी पत्रकार की हत्या और यमन युद्ध के कारण बिन सलमान से हाथ न मिलाना चाहे तो वह बीच में बिन सलमान को देखकर हाथ मिलाने पर मजबूर न हो।

एक दृष्य यह भी नज़र आया कि तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोग़ान पूरी तरह बिन सलमान को नज़रअंदाज़ करते हुए आगे बढ़ गए हालांकि वह बिन सलमान के बिलकुल सामने से गुज़र रहे थे। इस क्षण बिन सलमान के चेहरे पर आश्चर्य के भाव दिखाई दिए और फिर उन्होंने अपने लिबास में खुद को व्यस्त कर लिया।

हद तो यह हो गई कि बिन सलमान के कट्टर समर्थक कहे जाने वाले अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प ने भी उनके पास से गुज़रते हुए बस उनकी ओर देखा मुसकुराए और आगे बढ़ गए, रुककर बात नहीं की।

बस केवल रूस के राष्ट्रपति व्लादमीर पुतीन मुहम्मद बिन सलमान से गर्मजोशी से मिले और नौजवानों के स्टाइल में एक दूसरे से हाथ मिलाया।  यही नहीं शिखर सम्मेलन के दौरान पुतीन और बिन सलमान एक दूसरे के पास बैठे दिखाई दिए।

सऊदी अरब के मीडिया विशेष रूप से अलअरबिया ने पूरा ज़ोर लगाकर यह दिखाने की कोशिश की कि इस शिखर सम्मेलन में बिन सलमान छाए रहे। ब्रिटेन की प्रधानमंत्री टेरेज़ा मे से बिन सलमान की मुलाक़ात, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी मुलाक़ात की तसवीरें और वीडियो दिखाई। वह वीडियो भी दिखाई जिसमें ट्रम्प और बिन सलमान एक दूसरे को देखकर मुसकुराते हैं।

टीकाकारों का तो यह मानना है कि बिन सलमान जी-20 शिखर सम्मेलन में भाग लेकर अपनी मज़बूती का जो संदेश देना चाहते थे उसमें वह नाकाम रहे। इस सम्मेलन में बिन सलमान एसे व्यक्ति के रूप में दिखाई दिए जिनसे हर कोई बचने की कोशिश करता है।

ख़ालिद अलजयूसी