भारतीय प्रधानमंत्री मोदी ने ट्विटर पर लिखा, ‘‘क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान आले सऊद के साथ सार्थक बातचीत हुई। हमने भारत-सऊदी अरब के संबंधों के अनेक पहलुओं और आर्थिक, सांस्कृतिक और ऊर्जा संबंधों को और बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की।’’ भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने अपने ट्वीट में कहा, ‘‘रणनीतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान आले सऊद से अर्जेनटीना में हो रहे जी-20 शिखर सम्मेलन से इतर मुलाक़ात की। प्रौद्योगिकी, आधारभूत संरचना, पेट्रोलियम, नवीकरणीय ऊर्जा, खाद्य सुरक्षा, फिनटेक और रक्षा क्षेत्रों में सऊदी निवेश बढ़ाने पर चर्चा की।’’
सऊदी अरब के युवराज मोहम्मद बिन सलमान ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई भेंटवार्ता के अवसर पर भारत को एक महत्वपूर्ण भागीदार बताया और कहा कि मोदी के साथ बातचीत में विशेष तौर पर इस बारे में चर्चा हुई कि सऊदी अरब कैसे दो से तीन साल में भारत में विभिन्न क्षेत्रों में अपना निवेश बढ़ा सकता है। सलमान ने कहा कि सऊदी अरब राष्ट्रीय बुनियादी संरचना कोष में शुरुआती निवेश को अंतिम रूप देगा।
उल्लेखनीय है कि सऊदी अरब के वरिष्ठ पत्रकार जमाल ख़ाशुकज़ी की इस्तांबुल में स्थित सऊदी दूतावास में दो अक्टूबर को हुई हत्या के बाद यह पहला अवसर था कि जब बिन सलमान ने किसी वैश्विक मंच के कार्यक्रम में भाग लिया हो। इस बीच कुछ भारतीय टीकाकारों का कहना है कि जिस तरह पूरी दुनिया में सऊदी युवराज के ख़िलाफ़ विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और उन्हें यमनी जनता के जनसंहार और अपने विरोधियों का हत्यारा बताया जा रहा है ऐसी स्थिति में भारत जैसे महान देश के प्रधानमंत्री का बिन सलमान से मुलाक़ात करना बहुत सूझबूझ भरा फ़ैसला नहीं था।