इन हालात में यह समझौता बहुत कठिन परिस्थितियों में पहुंच गया है।
यह दो दिवसीय समेनार सोमवार को शुरु हुआ है। सेमीनार का आयोजन एसे समय हुआ है कि जब ईरान और तीन यूरोपीय देश वित्तीय तंत्र स्थापित करने का प्रयास कर रहा हैं मगर यूरोप की ओर से की जाने वाली कार्यवाहियां बहुत गतिहीन हैं और यूरोपीय सरकारों ने अपने देशों की कंपनियों को ईरान से सहयोग के लिए जिस रूप में प्रोत्साहन दिया है वह अपर्याप्त है। इसीलिए ईरान के विदेश उपमंत्री ने कहा कि शांतिपूर्ण परमाणु गतिविधियां जारी रहने के लिए ज़रूरी है कि यूरोप वित्तीय व्यवस्था को तत्काल शुरू करे।
ईरान के राष्ट्रपति के सलाहकार हमीद अबू तालेबी ने मई महीने में ट्वीट किया था कि यूरोप जो गैरेंटी दे रहा है उससे ईरान के राजनैतिक, आर्थिक और सुरक्षा हितों को सुनिश्चत होना ज़रूरी है। परमाणु समझौते की रक्षा के लिए आर्थिक गैरेंटी हासिल करने की प्रक्रिया में अभी बहुत कुछ करना शेष है लेकिन यह तय है कि यदि दोनों पक्षों के बीच कोई समझौता नहीं होता तो यूरोप के संबंध में अविश्वास और बढ़ जाएगा और ईरान परमाणु समझौते के बारे में अपना अंतिम फ़ैसला करेगा।