26 नवंबर 2018 - 16:47
दुश्मनों के षडयंत्रों पर नियंत्रण करने का एकमात्र मार्ग एकता हैः वरिष्ठ नेता

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस षडयंत्र में क्षेत्र के कुछ अरब शासक वर्चस्ववादी शक्तियों के हथकंडे में परिवर्तित हो गये हैं और उनके डॉलर भी अमेरिका और इस्राईल की सेवा में हैं।

राजधानी तेहरान में इस्लामी एकता के संबंध में आयोजित होने वाली 32वीं अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेन्स में  ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने एकता को दुश्मनों के षडयंत्रों पर नियंत्रण पाने का एकमात्र मार्ग बताया।

इस कांफ्रेन्स में दूसरे देशों से आये मेहमान, इस्लामी देशों के राजदूत और विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधि मौजूद थे।

वरिष्ठ नेता ने इस्लामी जागरुकता से वर्चस्ववादी शक्तियों के भयभीत होने की ओर संकेत किया और कहा कि जहां भी लोगों के दिलों ने इस्लाम का शासन था वहां वर्चस्वादी शक्तियों को मुंह की खानी पड़ी है और एक बार फिर इस क्षेत्र में इस्लामी जागरुकता से उन्हें मुंह की खानी पड़ेगी।

हालिया वर्षों में क्षेत्र में होने वाले परिवर्तन और पर्दे के पीछे जायोनी शासन और तकफीरी आतंकवादी गुट दाइश की गतिविधियों ने दर्शा दिया है कि क्षेत्र में अमेरिका ने जो षडयंत्र रचा है वह केवल सीरिया और इराक के खिलाफ नहीं है बल्कि यह एक बहुत बड़े षड़यंत्र का आरंभ है जिसे अमेरिका और उसके पिछलग्गुओं ने समूचे इस्लामी जगत पर वर्चस्व के लिए रचा है।

इस बात में कोई संदेह नहीं है कि इस षडयंत्र में क्षेत्र के कुछ अरब शासक वर्चस्ववादी शक्तियों के हथकंडे में परिवर्तित हो गये हैं और उनके डॉलर भी अमेरिका और इस्राईल की सेवा में हैं।

इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने इसी संबंध में कुछ देशों की ओर संकेत किया जो इस्लाम और कुरआन की शिक्षाओं का अनुसरण करने के बजाये अमेरिका का अनुसरण कर रहे हैं। वरिष्ठ नेता ने कहा कि अमेरिका अपनी साम्राज्यवादी प्रवृत्ति के आधार पर इन देशों का अपमान करता है और जैसाकि सबने देखा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ने सऊदी शासकों की उपमा एक गाय से दी।

ट्रंप ने अपनी चुनावी रैलियों में सऊदी राष्ट्र का खुलकर अपमान किया और अमेरिका की विदेश नीति में सऊदी अरब का स्थान महत्वहीन बताते हुए कहा था कि आले सऊद हमारे लिए गाय की भांति है कि जब भी वह हमें डॉलर और सोना नहीं दे सकेंगे उस समय हम उन्हें हलाल करने का आदेश देंगे या दूसरों से कहेंगे कि वे ऐसा करें या इस कार्य में हम उनकी सहायता करेंगे।

प्रसिद्ध अरबी समाचार पत्र रायुल यौम के प्रधान संपादक अब्दुल बारी अतवान ने इस संबंध में लिखाः अमेरिका के अनुसार धनी अरब देशों को दुहना डेमोक्रेसी और मानवाधिकार पर प्राथमिकता रखता है।

बहरहाल ईरान की इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने सऊदी अरब की जनता के इस प्रकार के अपमान को क्षेत्र की मुसलमान जनता का अपमान बताया और कहा कि कुछ इस्लामी शासक फिलिस्तीन और यमन में किये जाने वाले अपराधों में अमेरिका की हां में हां मिला रहे हैं परंतु निश्चित रूप से सफलता फिलिस्तीनी और यमनी जनता की होगी और अमेरिका और उसके पिछलग्गुओं को पराजय का मुंह देखना पड़ेगा।