इसके अलावा इस्राईल के उद्योग एवं वित्तीय मंत्री एली कोहिन ने भी हमास के समस्त नेताओं की हत्या और उनके घरों को ध्वस्त करने की मांग की है।
ग़ौरतलब है कि हाल ही में ग़ज्ज़ा में इस्राईल के विशेष कमांडोज़ को एक ऑप्रेशन में अपमानजनक असफलता हाथ लगी थी, जिसके कारण ज़ायोनी अधिकारी बहुत ग़स्से में नज़र आ रहे हैं। इसीलिए वे इस तरह के भड़काऊ बयान देकर हमास के सामने अपनी इस नाकामी पर पर्दा डालने का प्रयास कर रहे हैं।
इस संदर्भ में स्पेन के अख़बार पोब्लिको ने लिखा है, ग़ज्ज़ा में फ़िलिस्नीतियों के हाथों हार का अनुभव करने के बाद इस्राईली प्रधान मंत्री नेतनयाहू इलाक़े में कोई बड़ी कार्यवाही करने की योजना बना रहे हैं। इस्राईली युद्ध मंत्री एविगडोर लिबरमैन ने 11 नवम्बर को ऐसे समय में कि जब नेतनयाहू पहले विश्व युद्ध की समाप्ति की 100वीं वर्षगांठ पर पेरिस में आयोजित कार्यक्रम में भाग ले रहे थे, ग़ज्ज़ा से हमास के नेता सिनवार के अपहरण का ऑप्रेशन शुरू कर दिया।
हमास के नेता याहया सिनवार का नाम ज़ायोनियों के लिए किसी डरावने ख़्वाब से कम नहीं है। इस्राईलियों के मन में हमास के इस नेता से डरने के कुछ कारण हैं। सिनवार ने फ़िलिस्तीनी प्रतिरोध को एक नई दिशा दी है और ग़ज्ज़ा को एक दूसरे दक्षिण लेबनान में बदलकर रख दिया है। कहा जा रहा है कि लिबरमैन अस्सनिवार का अपहरण इसलिए करवाना चाहते थे, ताकि हमास की क़ैद में मौजूद इस्राईलियों को आज़ाद करवा सकें, इस्राईली सैनिकों के शवों को वापस ले सकें और फ़िलिस्तीनियों के ग्रेट रिटर्न मार्च के समाप्त करने के लिए दबाव बना सकें।
लेकिन हमास के इस वरिष्ठ कमांडर के अपरहण में असफलता हाथ लगने के बाद ज़ायोनी शासन को काफ़ी राजनीतिक एवं सामरिक अपमान सहन करना पड़ा है। इस अपमानजनक हार के बाद लिबरमैन को अपने पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा और कई पार्टियों ने सत्ताधारी गठबंधन से अलग होने का एलान कर दिया, जिसके कारण नेतनयाहू की सरकार के गिरने का ख़तरा पैदा हो गया है।