तुर्क अख़बार हुर्रियत ने गुरुवार को एक रिपोर्ट में बताया कि सीआईए की निदेशक जीना हास्पेल ने पिछले महीने तुर्क अधिकारियों से मुलाक़ात में इस तरह की फ़ोन कॉल की रिकॉर्डिंग होने का इशारा दिया था।
एमबीएस या मोहम्मद बिन सलमान पर इस बात का दबाव बढ़ रहा है कि वह लगभग 6 हफ़्ते पहले तुर्की के इस्तांबूल शहर में स्थित सऊदी वाणिज्य दूतावास के भीतर पत्रकार जमाल ख़ाशुक़जी की हत्या में किसी तरह की अपनी संलिप्तता न होने को साबित करें।
रियाज़ बारंबार इस बात का इंकार कर रहा है कि युवराज मोहम्मद बिन सलमान का इस हत्या में कोई हाथ नहीं है जबकि अनेक ऑडियो रिकॉर्डिंग से पुष्टि होती है कि उन्होंने अपने पुराने दोस्त ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश दिया जब वह उनकी नीतियों की आलोचना करने लगे।
हुर्रियत के लिए लेख लिखने वाले अब्दुल क़ादिर सलवी ने इस बात का दावा करते हुए कि कथित फ़ोन कॉल एमबीएस और उनके भाई ख़ालिद के बीच हुयी, कहा कि "एक और रिकॉर्डिंग की बात हो रही है।"
उन्होंने दावा कियाः "कहा जा रहा है कि सऊदी युवराज ने जमाल ख़ाशुक़जी को जल्द से जल्द ख़ामोश करने का आदेश दिया।"
तुर्क राष्ट्रपति रजब तय्यब अर्दोग़ान पहले ही कह चुके हैं कि ख़ाशुक़जी की हत्या का आदेश सऊदी अरब के सबसे ऊंचे नेतृत्व की ओर से दिया गया।