21 नवंबर 2018 - 12:59
अमरीका और पाकिस्तान के बीच वाक युद्ध, जनरल बाजवा ने दिया कड़ा बयान

अमरीका और पाकिस्तान के बीच वाक युद्ध जारी है। इस क्रम में नया बयान पाकिस्तान के सेना प्रमुख की ओर से आया है जिसमें जनरल क़मर जावेद बाजवा ने कहा कि पाकिस्तान ने सफलता के साथ आतंकवाद का मुक़ाबला किया और साथ साथ क्षेत्रीय शांति में भी भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान ने अफ़ग़ानिस्तान में शांति के लिए किसी भी अन्य देश से अधिक काम किया है।

पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता आईएसपीआर के प्रमुख मेजर जनरल आसिफ़ ग़फ़ूर ने जनरल क़मर बाजवा के हवाले से ट्वीट किया कि दुनिया को इस बात का एहसास होना चाहिए कि पाकिस्तान ने सैनिक, आर्थिक, राजनैतिक और सामाजिक दृष्टि से बहुत अधिक क़ीमत चुकाई है और हम अफ़ग़ानिस्तान में शांति के लिए प्रयासरत रहेंगे लेकिन पाकिस्तान की गरिमा और पाकिस्तान की रक्षा हमेशा पहली प्राथमिकता रहेगी।

इससे पहले मंगलवार को पाकिस्तान ने अमरीकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रम्प की ओर से लगाए जाने वाले आरोपों पर अमरीकी प्रभारी राजदूत को तलब करके अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी।

पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में बताया गया कि अमरीकी प्रभारी राजदूत पाल जोन्ज़ को तलब किया गया और राष्ट्रपति ट्रम्प की ओर से पाकिस्तान पर लगाए गए अनुचित आरोपों पर आपत्ति दर्ज कराई गई।

ट्रम्प ने पिछले दिनों के दौरान पाकिस्तान के बारे में अपने इंटरव्यू और ट्वीट्स में कई आरोप लगाए।

सोमवार को अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि हम पाकिस्तान को अरबों डालर अब इस लिए नहीं देते क्योंकि वह पैसे ले लेते हैं और करते कुछ नहीं। बिन लादेन इसका बड़ा उदाहरण है और अफ़ग़ानिस्तान एक और उदाहरण है। पाकिस्तान उन देशों में से एक है जो अमरीका से लेते तो हैं लेकिन जवाब में देते कुछ नहीं, यह अब ख़त्म हो रहा है।

इससे पहले रविवार को फ़ाक्स न्यूज़ को साक्षात्कार देते हुए ट्रम्प ने कहा था कि पाकिस्तान ने ओसामा बिन लादेन को अपने यहां रखा हुआ था।

ट्रम्प के बयान के जवाब में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान ख़ान ने कई ट्वीट करके गहरी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि ट्रम्प अपने रिकार्ड दुरुस्त कर लें पाकिस्तान कभी भी 11 सितम्बर के हमलों में लिप्त नहीं रहा लेकिन इसके बावजूद पाकिस्तान ने आतंकवाद के ख़िलाफ़ लड़ाई में अमरीका का साथ देने का फ़ैसला किया। अपने ट्वीट में इमरान ख़ान ने कहा कि इस युद्ध में पाकिस्तान ने 75000 जानों की क़ुरबानी दी और 123 अरब डालर का वित्तीय नुक़सान सहन किया जबकि इस बारे में अमरीकी सहायता केवल 20 अरब डालर थी।

इमरान ख़ान ने लिखा कि इस युद्ध में पाकिस्तान के क़बायली इलाक़े तबाह हुए और लाखों लोग बेघर हुए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान आज भी अमरीकी सेनाओं को अपने ज़मीनी और हवाई रास्ते प्रयोग करने की अनुमति दे रहा है।

इमरान ख़ान ने अमरीकी राष्ट्रपति से पूछ कि क्या वह अपने किसी दूसरे घटक देश का नाम बता सकते हैं जिसने चरमपंथ के ख़िलाफ़ लड़ाई में इतनी क़ुरबानियां दी हों।