डाॅक्टर अली लारीजानी ने बरहम सालेह से मुलाक़ात में कहा कि इराक़ी राष्ट्रपति की ईरान यात्रा दोनों देशों के संबंधों के विस्तार में एक नया मोड़ है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग व्यर्थ में ही ईरान व इराक़ को एक दूसरे से दूर करने की कोशिश करते हैं क्योंकि दोनों के बीच बड़े मज़बूत और अटूट संबंध स्थापित हैं। संसद सभापति ने ईरान व इराक़ के संबंधों को एेतिहास, मैत्रीपूर्ण और विस्तार की ओर अग्रसर बताते हुए कहा कि दोनों देशों के आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को अधिक मज़बूत बनाने से दोनों राष्ट्रों के हितों के परिप्रेक्ष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर पैदा होंगे। डाॅक्टर लारीजानी ने सीरिया संकट की ओर इशारा करते हुए कहा कि इस संकट के समाधान में इराक़ अहम भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह ने भी कहा कि उनका देश सभी क्षेत्रों में ईरान के साथ अपने संबंधों को विस्तृत करने का संकल्प रखता है।
इराक़ के राष्ट्रपति ने ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली शमख़ानी से भी मुलाक़ात की। इस मुलाक़ात में शमख़ानी ने कहा कि ईरान व इराक़ के मैत्रीपूर्ण संबंधों को बिगाड़ने की अमरीका व कुछ रुढ़िवादी क्षेत्रीय देशों के षड्यंत्र विफल रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब जबकि आतंकवाद को हथकंडे के रूप में इस्तेमाल करने की अमरीका की चाल विफल हो चुकी है तो वाॅशिंग्टन स्वाधीन देशों के ख़िलाफ़ दबाव और प्रतिबंध का हथकंड इस्तेमाल करने की कोशिश में है। शमख़ानी ने इस बात का उल्लेख करते हुए कि ईरान कठिन समय में हमेशा पूरी निष्ठा के साथ इराक़ी जनता के साथ खड़ा रहा है, कहा कि ईरान की अटल नीति, इराक़ी राष्ट्र की इच्छा व संकल्प के भरपूर समर्थन पर आधारित है।इस मुलाक़ात में इराक़ के राष्ट्रपति बरहम सालेह ने, ईरान की ओर से इराक़ के निरंतर समर्थन का आभार प्रकट करते हुए कहा कि उनका देश किसी भी देश या गुट को, ईरान के हितों को नुक़सान पहुंचाने के लिए अपनी धरती इस्तेमाल करने की कभी भी अनुमति नहीं देगा।