अमरीका के रिटायर्ड सैनिकों ने यह मौन विरोध प्रदर्शन प्रथम विश्वयुद्ध की 100वीं बरसी के अवसर पर किया। यह प्रदर्शन वाशिग्टन में प्रथम और द्वतीय विश्व युद्ध में मारे जाने वाले सैनिकों के स्मारक पर किया गया।
अमरीका की युद्धोन्मादी नीतियों के विरुद्ध जो मौन प्रदर्शन किया गया उसमें रिटायर्ड सैनिकों के अतिरिक्त इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में मारे गए अमरीकी सैनिकों की माताओं तथा उन सैनिकों की माताओं ने भी भाग लिया जिनके बेटों ने युद्ध से वापसी के बाद आत्महत्याएं की थीं।
ज्ञात रहे कि अमरीका के युद्ध विरोधियों का मानना है कि उनके देश के राजनेता अपने वर्चस्ववादी लक्ष्यों की पूर्ति के लिए संसार के अलग-अलग कोने में युद्ध की ज्वाला भड़काते हैं। उनका मानना है कि इस आग को भड़काने के बाद वे व्यापक स्तर पर हथियार बेचकर अकूत लाभ उठाते हैं।