इस अवसर पर फ़्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैकक्रां ने कहा कि हिंसा और वर्चस्ववाद को समाप्त करना चाहिए और शांति के लिए रण शुरू करना चाहिए। 11 नवम्बर 1918 को शांति समझौते पर हस्ताक्षर की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में बोलते हुए मैकक्रां ने कहा कि हम मिल जुल कर जलवायु परिवर्तन, ग़रीबी, भुखमरी, बीमारियों, असमानता तथा अज्ञानता का मुक़ाबला कर सकते हैं। अमरीकी राष्ट्रपति ट्रम्प, रूसी राष्ट्रपति पुतीन, तुर्की राष्ट्रपति अर्दोग़ान सहित 70 देशों के राष्ट्राध्यक्षों तथा प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मैकक्रां ने कहा कि पहले विश्व युद्ध में हुए जनसंहार को सौ साल बीत जाने के बाद भी इसके चिन्ह मौजूद हैं।
मैकक्रां ने अमरीकी टीवी चैनल को साक्षात्कार देते हुए कहा कि यूरोप को अमरीका से हथियार ख़रीदने के बजाए अपनी स्वाधीन रक्षा व्यवस्था तैयार करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं यह नहीं देखना चाहता कि यूरोप अपनी रक्षा बजट अमरीकी हथियार ख़रीदने के लिए बढ़ाए बल्कि उसे चाहिए कि अपने रक्षा उत्पादन के लिए बजट में वृद्धि करे।
ट्रम्प ने इस संदर्भ में ट्वीट किया कि फ़्रांसीसी राष्ट्रपति ने यूरोप को प्रस्ताव दिया है कि वह अमरीका, रूस और चीन से अपनी रक्षा के लिए अपनी सेना का गठन करे, यह बहुत अपमान जनक बात है, पहले यूरोप की ज़िम्मेदारी यह है कि नैटो के ख़र्चों में अपना हिस्से का बजट उपलब्ध कराए जिसका बड़ा भाग अमरीका के कांधे पर है।
फ्रांस की तरह जर्मन चांसलर एंगेला मर्केल का भी यही मानना है कि यूरोप अपनी अलग रक्षा व्यवस्था तैयार करे लेकिन सभी यूरोपीय देश इस पर सहमत नहीं हैं। बेल्जियम ने हाल ही में अमरीका से एफ़-35 युद्धक विमान ख़रीदने का फ़ैसला किया है जिसे फ़्रांस के राष्ट्रपति ने कहा कि यह यूरोप के हितों के विपरीत रणनीति है।
पेरिस में आयोजित समारोह में तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब अर्दोगान ने भी भाग लिया। यह समारोह दो घंटे तक चला और नेताओं ने राष्ट्रपति मैकक्रां की ओर से आयोजित लंच में हिस्सा लिया।
पेरिस में एक और घटना भी सुर्खियों में आ गई। महिला अधिकारों के लिए काम करने वाली तीन महिलाओं ने राष्ट्रपति ट्रम्प का सुरक्षा घेरा तोड़ कर ख़ुद को ट्रम्प की गाड़ियों के काफ़िले के क़रीब पहुंचा दिया जिन्हें पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इन महिलाओं ने अपने शरीर पर नारे लिखे थे कि ढोंग का क़ाफ़िला। यह कार्यकर्ता चिल्ला रही थीं कि फ़्रांस शांति का जश्न मना रहा है मगर उसने जिन नेताओं को इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया है उनमें से आधे वह नेता हैं जो दुनिया में अधिकतर विवादों और हिंसा की बुनियादी वजह हैं।