अर्दोगान ने सरकारी समाचार एंजेसी अनातोली से बातचीत में कहा कि हम समझते हैं कि अमरीका की ओर से ईरान पर प्रतिबंध लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि ट्रम्प प्रशासन की ओर से ईरान पर प्रतिबंध अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों के मुक़ाबले में संतुलन को ख़राब करने की साज़िश है। उन्होंने कहा कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय क़ानूनों और कूटनीति के ख़िलाफ़ हो गया है और हम इस साम्राज्यवादी दुनिया में नहीं जीना चाहते।
ज्ञात रहे कि तुर्की ने शुरू से ही ईरान पर अमरीका की ओर से लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का विरोध किया और कहा कि वह इन प्रतिबंधों का अमल नहीं करेगा।
तुर्की के विदेश मंत्री मौलूद चावुश ओग़लू ने भी कहा कि अमरीका ईरान की जनता को सज़ा देने की कोशिश कर रहा है जो हरगिज़ दुरुस्त फ़ैसला नहीं है।
ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बारे में दुनिया के अधिकतर देशों ने अपनी प्रतिक्रिया में यही कहा है कि यह प्रतिबंध उचित नहीं है।
ख़ुद अमरीका के भीतर ट्रम्प प्रशासन पर यह आपत्ति जताई जा रही है कि उसने ईरान के बारे में जो नीति अपनाई उसके चलते अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ईरान के बजाए ख़ुद अमरीका अलग थलग पड़ गया है। हालात एसे हैं कि दुनिया के अधिकतर देश ईरान पर लगाए जाने वाले प्रतिबंधों का पालन करने से इंकार कर रहे हैं। ट्रम्प प्रशासन पर यह आरोप भी है कि उसने ईरान ही नहीं, अपने घटक देशों के संबंध में भी इस प्रकार की नीति अपनाई है कि अब अमरीका के पारम्परिक घटक देश भी अमरीका पर भरोसा करने के लिए तैयार नहीं हैं।