एएफ़पी ने बताया था कि ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन की ओर से एप्पल, एमाज़ोन और हार्डवेयर तैयार करने वाली कंपनी सुपर माइक्रो समित दूसरी कंपनियों के कम्प्यूटर्ज़ और यंत्रों में बहुत छोटी चिप लगाई गयी।
रिपोर्ट में बताया गया है कि इन जासूसी चिप का सबसे पहले एमाज़ोन ने पता लगाया था। एमाज़ोन ने इन जासूस चिप का पता, साफ़्ट वेयर कंपनी एलीमेंटल को ख़रीदने के बाद लगाया।
रिपोर्ट के अनुसार एमाज़ोन ने पता लगाने के बाद इस बारे में अमरीकी अधिकारियों और होमलैंड सुरक्षा के वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत किया था।
रिपोर्ट में दावा किया गया था कि इन जासूस चिप लगाके चीन ने अमरीका और ब्रिटेन की इन बड़ी तकनीकी कंपनियों के डैटा सर्वर्ज़ तक पहंच बनाकर जानकारियां हासिल करने का प्रयास किया किन्तु अभी तक ब्रिटेन और अमरीकी अधिकारियों ने इन समाचारों का खंडन करते हुए तकनीकी कंपनियों का साथ दिया है।