जनरल मुहम्मद बाक़िरी ने सोमवा को पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि अहवाज़ आतंकी हमले के बाद जिसमें दसियों लोग शहीद और घायल हुए कई कार्यवाहियां अंजाम दी गयीं ताकि आतंकवादियों और उनके समर्थकों से बदला लिया जा सके।
उन्होंने कहा कि गुप्तचर विभाग की सूचना से पता चलता है कि आतंकवादियों के क्रांति विरोधी तत्वों से निकट संबंध हैं इसीलिए उन्होंने दाइश की लाइन पकड़ी और दाइश ने इन लोगों को सीरिया के दैरिज़्ज़ूर क्षेत्र से भेजा और उनका मार्गदर्शन किया।
उन्होंने कहा कि सेना के मीज़ाइल और ड्रोन विमानों ने अपने लक्ष्यों को सटीक रूप से निशाना बनाया।
ज्ञात रहे कि आईआरजीसी ने एक बयान जारी करके बताया है कि 22 सितम्बर को अहवाज़ में आतंकी हमले के बाद जिसमें ईरान के निर्दोष व निहत्थे 23 लोग शहीद और 69 घायल हुए थे, क्रांति सरंक्षक बल ने सोमवार तड़के, सीरिया में फुरात नदी के पूर्वी तट पर अमरीका समर्थित आतंकवादियों के ठिकाने पर मिसाइल हमला किया है।
बयान में बताया गया है कि इस अभियान में पश्चिमी ईरान में स्थित आईआरजीसी की मिसाइल छावनी से मध्यम दूरी की मार करने वाले 6 मिसाइल दागे गये और उसके बाद आईआरजीसी के 7 ड्रोन विमानों ने साम्राज्यवादियों के एजेन्ट इन आतंकवादियों के ठिकाने पर बमबारी भी की जिसमें अभी तक दसियों आतंकवादियों और उनके सरगनाओं के मारे जाने की सूचना है।