संयुक्त राष्ट्रसंघ की महासभा की 73वीं बैठक को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति रूहानी का कहना था कि समग्र परमाणु समझौता एक दशक की कूटनीति और व्यापाक वार्ताओं का परिणाम है और समझौते ने दुनिया में पैदा किए गये एक स्वयंभू संकट को समाप्त कर दिया।
राष्ट्रपति रूहानी ने कहा कि अमरीका अंतर्राष्ट्रीय नियमों और क़ानूनों का उल्लंघन करते हुए सुरक्षा परिषद द्वारा पारित किए गये बहुपक्षीय समझौते से अलग हो गया।
चीन, जापान और दक्षिणी कोरिया के मीडिया ने संयुक्त राष्ट्र संघ की महासभा में राष्ट्रपति रूहानी के भाषण को संतुलित, तार्किक और सराहनीय क़रार दिया है।
तीनों देशों के टेलीवीजन चैनलों ने अपनी अगल अलग रिपोर्टों में बताया कि ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने बारंबार अपने भाषणों में ईरान की ओर से अंतर्राष्ट्रीय नियमों पर अमल पर बल दिया और ईरान को शांतिपूर्ण देश क़रार दिया है।
उक्त देशों के मीडिया सूत्रों के अनुसार अमरीकी राष्ट्रपति के ईरान विरोधी भाषण के विपरीत ईरान के राष्ट्रपति डाक्टर हसन रूहानी ने कहा कि परमाणु समझौते के उल्लंघन और अंतर्राष्ट्रीय समझौतों का सम्मान न करना, दुनिया में अशांति फैलाने के समान है।