तुर्क राष्ट्रपति ने इदलिब प्रांत में आतंकवादियों के विरुद्ध सीरियाई सेना की आगामी कार्यवाही के विरुद्ध निराधार दावे दोहराते हुए इस आप्रेशन को रोकने के लिए किसी उपाय को तलाश किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तुर्की में 35 लाख सीरियाई शरणार्थी हैं और यह कोई हल्का बोझ नहीं है और इसको हल्के में नहीं लिया जा सकता।
उन्होंने तेहरान सम्मेलन में इदलिब संकट के हल के लिए रूसी राष्ट्रपति विलादीमीर पुतीन के सकारात्मक दृष्टिकोण की ओर संकेत करते हए कहा कि आशा है कि वह अपने इस सकारात्मक दृष्टिकोण पर बाक़ी रहेंगे । अर्दोग़ान ने इससे पहले वचन दिया था कि इदलिब प्रांत में सेना और प्रतिरोधकर्ताओं के आप्रेशन की स्थिति में तुर्की उनका साथ नहीं देगा और वह सीरिया के विरोधियों का समर्थन करेगा।
तुर्की के राष्ट्रपति का यह बयान एेसी स्थिति में सामने आया है कि सात सितम्बर को तेहरान शिखर सम्मेलन में ईरान, रूस और तुर्की के राष्ट्राध्यक्षों ने सीरिया संकट विशेषकर इदलिब के आप्रेशन के विषय पर विचार विमर्श किया था।
अर्दोग़ान का यह बयान, वही घिसा पिटा पुराना बयान है जिसकी वजह से सीरिया में स्थिति और भी जटिल हो गयी है। सीरिया संकट के आरंभ से ही तुर्की ने हमेशा ही सीरिया की संप्रभुता का उल्लंघन किया है जिसकी वजह से क्षेत्रीय स्तर पर अस्थिरता पैदा हो गयी है।
बहरहाल सीरिया की सरकार ने आतंकवादियों से इदलिब को स्वतंत्र कराने के मन बना लिया है इसके लिए चाहे आप्रेशन हो या फिर राजनैतिक समझौता हो।