37 वर्षीय मुहम्मद रीकान अलहलबूसी को गत शनिवार को इराक़ का संसद सभापति चुना गया। वह सन 2005 से लेकर अब तक इराक़ के छठें संसद सभापति हैं। इराक़ में संसद सभापति, सुन्नी मुसलमान होता है। अलहलबूसी ने इराक का संसद सभापति बनने के बाद अपने पहले बयान में इराक़ के आतंरिक मामलों में विदेशियों के हस्तक्षेप का विरोध करते पड़ोसियों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंधों पर बल दिया और कहा कि हम इराक़ की भूमि को इ्सलामी गणतंत्र ईरान के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने देंगे। एसेा लगता है कि इराक़ के कुर्द भी नये राष्ट्रपति के चयन के लिए महत्वपूर्ण समझौते पर पहुंच चुके हैं। इराक़ में राष्ट्रपति का कुर्द होना आवश्यक है। संकेतों से पता चलता है कि कुर्द , बरहम सालेह को राष्ट्रपति बनाने पर सहमत हो गये हैं किंतु सब से महत्वूपर्ण मुद्दा, इराक़ के नये प्रधानमंत्री का चयन है। इराक़ में कानून के अनुसार, अन्य देशों के विपरीत, संसद में सब से अधिक सीट पाने वाली पार्टी प्रधानमंत्री मनोनीत नहीं कर सकती बल्कि इसके लिए संसद में बड़ी संसदीय बैठक का आयोजन होता है और उसके दौरान प्रधानमंत्री का नाम पेश किया जाता है लेकिन शिया दलों के मध्य मतभेदों और विदेशियों के हस्तक्षेप के कारण अभी तक यह बैठक आयोजित नहीं हो पायी और इसी लिए नये प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया में विलंब हो रहा है लेकिन अब एेसा लगता है कि प्रधानमंत्री के निर्धारण के मार्ग की बाधाएं एक एक करके दूर हो रही हैं जिसमें इराक़ के वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व की भी महत्वपूर्ण भूमिका है क्योंकि वरिष्ठ धार्मिक नेतृत्व की तरफ से कह दिया गया था कि एक बार प्रधानमंत्री बनने वाले दोबारा यह पद प्राप्त करने का प्रयास न करें और नये चेहरों को अवसर दे जिसके बाद पूर्व प्रधानमंत्री नूरी मालेकी और वर्तमान प्रधानमंत्री हैदर अलएबादी जैसे लोग दौड़ से बाहर हो गये। अब यह अनुमान है कि आदिल अब्दुलमेहदी, फालेह अलफैयाज़ और तारिक़ नज्म में से किसी एक को आगामी दिनों में इराक़ का प्रधानमंत्री बनाया जा सकता है जिसके बाद इस देश में सरकार के गठन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी।
17 सितंबर 2018 - 15:42
समाचार कोड: 909569
इराक़ में नये संसद सभापति के चयन के साथ ही , इस देश के राजनीतिक दल, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के चयन की प्रक्रिया के बेहद क़रीब हो गये हैं।