शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए, सूचना मंत्रालय में अंसारुल्लाह के वरिष्ठ अधिकारी लुआ अश्शामी ने कहा कि हौसी प्रतिनिधिमंडल सनआ एयरपोर्ट से जनेवा जाने के लिए तय्यार था लेकिन संयुक्त राष्ट्र संघ कथित गठबंधन के दबाव में उन वादों को पूरा न कर सका जिन पर सहमति हुयी थी। इन वादों में हौसी प्रतिनिधिमंडल को जनेवा में भाग लेने के लिए ओमान का विमान मुहैया करने और इस प्रतिनिधिमंडल की वापसी को सुनिश्चत बनाना शामिल था।
सऊदी अरब और उसके कुछ घटक जिनमें यूएई, मोरक्को और सूडान शामिल हैं, 26 मार्च 2015 से यमन पर हमला कर रहे हैं।
यमन का हौसी अंसारुल्लाह आंदोलन, इस देश पर हमला करने वाले गठबंधन से रक्षा करने में यमनी सेना की बहुत बड़ी मदद कर रहा है। यमन पर थोपी गयी जंग के समय से इस देश में प्रभावी प्रशासन न होने की वजह से अंसारुल्लाह आंदोलन इस देश के प्रशासनिक मामलों की देखभाल कर रहा है। यमन पर सऊदी गठबंधन के हमलों में अब तक 15000 के क़रीब निर्दोष लोग मारे गए और दसियों हज़ार घायल हुए हैं।
संयुक्त राष्ट्र संघ ने दोनों विपक्ष हौसी आंदोलन और इस्तीफ़ा दे चुके राष्ट्रपति मंसूर हादी द्वारा समर्थित प्रशासन को जिसके हाथ में दक्षिणी यमन का अदन शहर है, गुरुवार से शुरु होने वाली शांति वार्ता में अपने अपने प्रतिनिधिमंडल भेजने के लिए आमंत्रित किया था।