सोमवार को प्राप्त रिपोर्ट के मुताबिक़, विदेशी मीडिया के लिए रिपोर्टिंग करने वाले दो पत्रकारों वा लोन और कीया सूई ऊ को रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार सेना के अत्याचारों की कवरेज के लिए सूचनाओं की सुरक्षा के क़ानून का उल्लंघनकर्ता पाया गया।
इन दोनों ही पत्रकारों को पिछले 9 महीने से जेल में बंद करके रखा गया है।
इन पत्रकारों ने दिसम्बर 2017 में म्यांमार सैनिकों के हाथों रोहिंग्या मुसलमानों के एक समूह के नरसंहार का रहस्योद्घाटन किया था, जिनकी सामूहिक क़ब्र बाद में खोज ली गई थी।
इन दोनों पत्रकारों को म्यांमार ने ऐसी स्थिति में सज़ा सुनाई है कि इस देश की नेता आंग सान सू की ने अभिव्यक्ति की आज़ादी की सुरक्षा का वादा दिया था।