2 सितंबर 2018 - 14:57
दूसरी ओर तुर्की को सीरिया में और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहुत ही जटिल परिस्थितियों का सामना है, जिसके कारण यह देश भी सीधे रूप से स

अंतर्राष्ट्रीय दबाव के चलते सऊदी अरब ने अंततः यह बात स्वीकार कर ली है कि उसने यमन के सादा प्रांत में स्कूली बच्चों की बस को लक्ष्य बनाया था।

सऊदी अरब के नेतृत्व वाले अतिक्रमणकारी गठजोड़ से संबंधित यमन की घटनाओं के जांच दल के प्रवक्ता मंसूर अहमद अलमंसूर ने कहा है कि सादा प्रांत में यमनी बच्चों की स्कूल बस पर किया गया हमला एक ग़लती थी। सऊदी अरब ने 9 अगस्त को यमन के सादा प्रांत के ज़हयान शहर में एक स्कूली बस को निशाना बनाया था जिसमें 55 छात्र हताहत और 77 घायल हो गए थे। इस जघन्य अपराध के एक हफ़्ते बाद सऊदी अरब के अतिक्रमणकारी युद्धक विमानों ने यमनी शरणार्थियों की दो गाड़ियों को भी हुदैदा प्रांत के दुरैहमी ज़िले में निशाना बनाया था जिसमें चार महिलाएं और 27 बच्चे हताहत हो गए थे। अनेक अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं और मानवाधिकार संगठनों ने सऊदी अरब और उसके नेतृत्व वाले गठजोड़ के इन अपराधों की निंदा की है।

 

इन हालात में सऊदी गठजोड़ ने अपने अपराध को ग़लती का नाम दिया है जबकि इससे पहले इस गठजोड़ के प्रवक्ता तुर्की अलमालेकी ने कहा था कि उक्त हवाई हमला एक क़ानूनी सैन्य कार्यवाही थी। सऊदी गठजोड़ ने सादा प्रांत में स्कूल के बच्चों के जनसंहार को समीकरण की ग़लती बता कर अपने विचार में विश्व जनमत को संतोषजनक जवाब देने की कोशिश की है। यह एेसी स्थिति में है कि जब आले सऊद का यह क़दम और उसके विरोधाभासी दावे न केवल यह कि सऊदी गठजोड़ के अपराधों का औचित्य दर्शाने के संबंध में संतुष्ट नहीं कर सके हैं बल्कि विश्व जनमत को पहले से अधिक इस घटना के अपराधियों को दंडित करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय कार्यवाही की प्रतीक्षा है ताकि यमन के निर्दोष व निहत्थे लोगों विशेष कर बच्चों के जनसंहार को रोका जा सके।