इस्ना के अनुसार, कमाल ख़र्राज़ी ने रविवार को तेहरान के दौरे पर आए ब्रितानी उपविदेश मंत्री अलिस्टर बर्ट से मुलाक़ात में कहा कि ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने परमाणु समझौते जेसीपीओए से ईरान के हितों को सुनिश्चित बनाने के लिए अब तक ज़रूरी क़दम नहीं उठाए।
उन्होंने कहा कि पाबंदियों का लगना और योरोप के जेसीपीओए के तहत अपने वचन को पूरा करने की दिशा में जल्द क़दम न उठाने का गंभीर नतीजा निकलेगा।
कमाल ख़र्राज़ी ने यमन संकट के बारे में इस बात पर बल देते हुए कि सऊदी अरब की ओर से बम्बारी को रुकवाने के लिए कोशिश ज़रूरी है, कहा कि अगर ब्रिटेन यमन जंग का अंत चाहता है तो सऊदी अरब को हथियार न बेचे और यमन पर अतिक्रमण करने वाले घटक से जंग ख़त्म करने के लिए कहे।