इराक़ी प्रधान मंत्री ने हश्दुश्शाबी के प्रमुख फ़ालेह फ़य्याज़ को उनके पद से हटाने का कारण, राजनीतिक गतिविधियों में शामिल होना बताया है।
अबादी ने अपने आदेश में कहा है कि फ़ालेह फ़य्याज़ की राजनीतिक गतिविधियों से उनके पद की निष्पक्षता प्रभावित हुई है, इसलिए उन्हें समस्त सरकारी पदों से तत्काल रूप से हटाया जाता है।
इराक़ी प्रधान मंत्री अल-अबादी का कहना था कि उन्होंने यह फ़ैसला स्वयं सेवी बलों के कमांडर की राजनीतिक गतिविधियों को देखते हुए लिया है, जो सांसदों की जोड़तोड़ में शामिल हैं और राजनीतिक पद के लिए प्रयासरत हैं।
ग़ौरतलब है कि इराक़ में मई में आम चुनाव आयोजित हुए थे, लेकिन किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाने के कारण अभी तक नई सरकार का गठन नहीं हो सका है।
फ़ालेह फ़य्याज़ को प्रधान मंत्री पद के लिए एक मज़बूत उम्मीदवार को रूप में देखा जा रहा है, इसलिए कि उनका दल चुनाव में दूसरे स्थान पर रहा है।
इराक़ी प्रधान मंत्री के इस क़दम पर प्रतिक्रिया जताते हुए हश्दुश्शाबी के उप प्रमुख अबू मेहदी अल-मोहंदिस ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण क़दम बताया है।
अल-मोहंदिस का कहना है कि यह जल्दबाज़ी में लिया गया फ़ैसला है और इस तरह से हश्दुश्शाबी की स्वायत्ता को दांव पर लगाया गया है।
उन्होंने कहा, अल-हश्दुश्शाबी की स्थापना वरिष्ठ शिया धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी के आदेशानुसार ऐसी परिस्थितियों में हुई कि जब दाइश की यलग़ार के बाद इराक़ी सेना और समस्त सरकारी संस्थाएं बिखर चुकी थीं।
दूसरी ओर, बर्ख़ास्त किए गए अल-हश्दुश्शाबी के प्रमुख फ़य्याज़ का कहना था कि जो भी पद उन्हें सौंपे गए थे सामाजिक परिप्रेक्ष्य में उनका कोई महत्व नहीं है, यहां तक कि मंत्री के दर्जे के पद समेत।