प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, भारत के वरिष्ठ धर्मगुरू और इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जवाद नक़वी ने जुमे की नमाज़ में दिए अपने भाषण में इराक़ के वरिष्ठतम धर्मगुरू आयतुल्लाह सीस्तानी के फ़त्वे पर यूपी वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष द्वारा की गई अभद्र टिप्पणी की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि जो यह कह रहे हैं कि आयतुल्लाह सीस्तानी ने किसी सवाल का जवाब या फ़त्वा किसी दबाव में आकर दिया है वह शिया मुसलमान नहीं है बल्कि ऐसा अधर्मी व्यक्ति है जो मुनाफ़िक़ अर्थात मित्थ्याचारी है जिसका किसी धर्म से कोई संबंध नहीं है।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि वक़्फ़ की संपत्ति को किसी दूसरे को देना ताकि वे उस पर अपना प्रार्थनास्थल या धर्मस्थल का निर्माण करे, इस सबंध में पहले से फ़त्वा मौजूद था। मौलाना ने कहा कि अब आयतुल्लाह सीस्तानी का फ़त्वा आ गया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा है कि वक़्फ़ की संपत्ति को किसी दूसरे धर्म की इबादतगाह के लिए नहीं दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह सीस्तानी ने वही कहा है जो इस्लाम कहता आया है, मौलाना ने कहा कि हम पहले भी कह चुके हैं कि मस्जिद की भूमि पर केवल मस्जिद ही बन सकती है।
मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि उत्तर प्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड का अध्यक्ष अपनी सीमा को लांघ चुका है और अब वह इतना दुस्साहसी हो चुका है कि वह शिया मुसलमानों के सबसे बड़े धर्मगुरूओं को भी अपनी तुच्छ सोच का निशाना बना रहा है। उन्होंने कहा कि वक़्फ़ बोर्ड का चेयरमैन एक तरफ़ कहता है कि दाऊद इब्राहीम उसपर दबाव बना रहा है तो दूसरी तरफ़ हमारे वरिष्ठतम धर्मगुरू को उस बदनाम ज़माना गुंडे के मुक़ाबले में लाकर कहता है कि आयतुल्लाह सीस्तानी द्वारा उसपर दबाव बनाया जा रहा है। मौलाना ने कहा कि यह व्यक्ति स्वयं को गिरफ़्तारी से बचाने के लिए ऐसे काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो लोग अपने वरिष्ठ धर्मगुरुओं की बात नहीं मानते वह शिया हो ही नहीं सकते।
इमामे जुमा लखनऊ मौलाना कल्बे जवाद ने कहा कि चेयरमैन से अधिक वह अपराधी हैं जो वक़्फ़ बोर्ड के सदस्य हैं और कुर्सी की लालच में चेयरमैन के दुस्साहस पर चुप्पी साधे हुए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड के सदस्यों की ख़ामोशी यह साबित कर रही है कि वह उसके सभी अपराधों में शामिल हैं। मौलाना ने कहा कि समय आ गया है कि पूरा शिया समुदाय वक़्फ़ बोर्ड के सदस्यों से मांग करे कि वह आयतुल्लाह सीसतानी पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अपराधी, वक़्फ़ बोर्ड के अध्यक्ष को उसके पद से हटाएं अन्यथा चेयरमैन सहित सभी सदस्यों का बहिष्कार किया जाए।