27 अगस्त 2018 - 13:57

फ़िलिस्तीन के बारे में अरब देशों की चुप्पी पर मिस्र के प्रसिद्ध राजनेता और अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा संस्था के पूर्व महासचिव मुहम्मद अलबरादई ने कड़ी आलोचना की है।

उन्होंने फ़िलिस्तीन के विषय पर अरब देशों की चुप्पी पर निशाना साधते हुए उन्हें अमरीका द्वारा फ़िलिस्तीनियों को सज़ा देने में बराबर का भागीदार क़रार दिया है। 

मुहम्मद अलबरादई ने फ़िलिस्तीन के विरुद्ध अमरीकी कार्यवाहियों पर अरब देशों को अमरीका का पिट्ठु क़रार दिया। मुहम्मद अलबरादई ने कहा कि अमरीका ने फ़िलिस्तीनियों की 200 मिलियन डाॅलर की सहायता बंद कर दी है जबकि अरब देशों को अमरीका की सहायता का क्रम जारी है। उन्होंने कहा कि दुर्भाग्य से अधिकतर अरब देश, फ़िलिस्तीन के बारे में अमरीका की अत्याचारपूर्ण कार्यवाहियों पर मूकदर्शक बने हुए हैं।

अरब सूत्रो के अनुसार सऊदी अरब की ओर से अमरीका और इस्राईल का समर्थन जारी है। आले सऊद, अरब क्षेत्र में अपनी सत्ता बचाने के लिए अमरीका और इस्राईल के समर्थन पर निर्भर है।

जैसे जैसे दिन गुज़र रहे हैं फ़िलिस्तीनियों की स्थिति अधिक दयनीय होती जा रही है। हालिया दिनों में ग़ज़्ज़ा पट्टी के परिवेष्टन के कड़ा होने के कारण ग़ज़्ज़ा पट्टी की जनता बहुत ही विषम परिस्थितियों में जीवन व्यतीत कर रही है और इसी स्थिति को मुहम्मद अलबरादई ने ख़ामोश मौत का नाम दिया है। 

वर्ष 2006 से ग़ज़्ज़ा के जारी परिवेष्टन के कारण इस क्षेत्र में खाद्य पदार्थों, दवाओं, पानी और ऊर्जा संकट का सामना है जिसके कारण ग़ज़्ज़ा पट्टी के बच्चे, बूढ़े, जवान, महिला और पुरुष, धीरे धीरे मौत की ओर बढ़ रहे हैं।

बहरहाल  अरब देश तो इस्राईल के साथ सांठगांठ करने में ही व्यस्त हैं और उन्हें फ़िलिस्तीन की अत्याचारग्रस्त जनता का ज़रा भी ध्यान नहीं है और वह केवल अपनी अपनी सत्ता बचाने में ही व्यस्त हैं।