जॉन बोल्टन ने बुधवार को समाचार एजेंसी रोयटर्ज़ से बातचीत में कहा कि रूसी राष्ट्रपति व्लादमीर पूतिन ने अमरीकी सरकार से कहा है कि रूस ईरान को सीरिया से निकलने पर मजबूर नहीं कर सकता।
बोल्टन ने दावा किया रूस सीरिया में फंस गया है और वह चाहता है कि सीरिया में जंग के बाद पुनर्निर्माण का ख़र्च दूसरे उठाएं और यह वॉशिंग्टन के लिए इस बात का अवसर है कि वह सीरिया से ईरान को निकालने के लिए दबाव डाले।
अमरीका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने यह भी दावा किया कि दाइश और ईरानी फ़ोर्सेज़, सीरिया में अमरीका के बाक़ी रहने के मुख्य कारण हैं।
बोल्टन का यह बयान ऐसी हालत में आया है कि इराक़ और सीरिया में दाइश की हार और उसकी स्वंयभु ख़िलाफ़त का अंत क्षेत्र में इस्लामी गणतंत्र ईरान की सही समय पर निभायी गयी उचित भूमिका का नतीजा है।
इस बीच दमिश्क़ सरकार ने सीरिया में अमरीकी फ़ोर्सेज़ की मौजूदगी को देश की राष्ट्रीय संप्रभुता पर अतिक्रमण बताते हुए अमरीकी फ़ोर्सेज़ के इराक़ से निकलने की मांग की है।
इससे पहले अमरीकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प अपने इस बयान के साथ ही कि पिछले 17 साल में अमरीका ने पश्चिम एशिया में 17 ट्रिलियन डॉलर ख़र्च किए हैं, यह बात स्वीकार की है कि क्षेत्र में अमरीका की मौजूदगी का नतीजा मौत और तबाही के सिवा कुछ और नहीं निकला है।