5 दिसंबर 2017 - 03:00
रोहिंग्या मुसलमानों की दुर्दशा देख कैथोलिक पॉप भी नहीं रोक सके अपने आंसू

ज्ञात रहे कि 8 वर्षों से रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार के कट्टरपंथी और बुद्धिस्टों के ज़ुल्म का निशाना बने हुए हैं जिनमें लगभग 600000 लोग बांग्लादेश में शरण लेने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबना : प्राप्त सूत्रों के अनुसार कैथोलिक धर्मगुरु पॉप फ्रांसीस अपने एशिया के दौरे से रोम वापस आ गए हैं। जब कुछ समाचार पत्र रिपोर्टर्स ने उनसे उनके दौरे के बारे में प्रश्न किए तो उन्होंने बांग्लादेश में जीवन व्यतीत वाले रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार सरकार के ज़ुल्म की खबर दोहरा दी।
 कैथोलिक पॉप के रोहिंग्या मुसलमानों से ढाका में भेंट करने और उनकी दर्दभरी बातें सुनने के बारे में पाप फ्रांसीस ने कहा कि मुझे यह तो पता था कि मेरी भेंट वार्ता रोहिंग्या के दुखी मुसलमानों से अवश्य होगी लेकिन मैं यह नहीं जानता था कि यह भेंट कब और कहां होगी, और उनसे मिलना मेरी यात्रा का एक कारण था।
 ज्ञात रहे कि कैथोलिक प्रमुख अपनी साफ़गोई के लिए मशहूर है लेकिन जब वह म्यांमार की सरकार से मिले तो उन्होंने रोहिंग्या की कोई बात नहीं की लेकिन जैसे ही वह बांग्लादेश पहुंचे उन्होंने रोहिंग्या में काफी दिलचस्पी ली और शहर ढाका में रोहिंग्या के कैम्प का दौरा करके उनसे भेंट भी की। उन्होंने कहा कि बांग्लादेशी सरकार ने रोहिंग्या मुसलमानों के लिए अच्छे इंतज़ाम किए हैं, उन्होंने कहा कि जब मैं रोहिंग्या के मुसलमानों से मिला तो मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे, मैंने उसे छुपाना चाहा लेकिन छुपा न सका, और मेरे साथ वह लोग भी रोने लगे।
 ज्ञात रहे कि 8 वर्षों से रोहिंग्या मुसलमानों पर म्यांमार के कट्टरपंथी और बुद्धिस्टों के ज़ुल्म का निशाना बने हुए हैं जिनमें लगभग 600000 लोग बांग्लादेश में शरण लेने के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।